दस्तावेजों में विसंगति के चलते कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं की पेशी, पुलिस को रेंट एग्रीमेंट पर संदेह
कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास और आशुतोष रांका अपने जमानतियों के साथ शुक्रवार को नई दिल्ली के मंदिर मार्ग स्थित स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश हुए। कानूनी प्रक्रिया के तहत यह पेशी जमानत के बाद दस्तावेजों के सत्यापन के लिए तय की गई थी। हालांकि, प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी और मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख मुकर्रर की गई है।
इससे पहले दोनों नेताओं ने सात दिन जेल में बिताए थे, जिसके बाद बीते बुधवार को उन्हें जेल से रिहाई मिली थी। रिहाई के बाद कानूनी औपचारिकताओं और बांड सत्यापन के सिलसिले में उन्हें अदालत में दोबारा हाजिर होना पड़ा।
जमानतियों का विवरण और पृष्ठभूमि
मामले में सह-संयोजक सौरव दास की जमानत गाजियाबाद के रहने वाले उनके एक मित्र ने ली है। उनके जमानती मित्र बच्चों का एक एनजीओ चलाने के साथ ही एक निजी कॉलेज में प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। दूसरी ओर, आशुतोष रांका की जमानत उनकी पत्नी ने दी है, जो मूल रूप से वाराणसी की निवासी हैं और वर्तमान में बेंगलुरु की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में नौकरी करती हैं।
दस्तावेजों के सत्यापन में कहां आई अड़चन
अदालत के निर्देशानुसार दोनों नेताओं की जमानत लेने वाले जमानतियों को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होना था, क्योंकि उनके कागजातों का सत्यापन अटका हुआ था। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सौरव दास ने अपनी जमानत के बांड में दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश-1 स्थित एक फ्लैट का रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) जमा किया है। पुलिस को इस रेंट एग्रीमेंट की प्रमाणिकता पर संदेह है।
इसके अतिरिक्त, सौरव दास की ओर से पुदुचेरी के पते वाला आधार कार्ड भी जमा कराया गया है। अलग-अलग स्थानों से जुड़े ये दोनों दस्तावेज पेश किए जाने के कारण पुलिस और अदालत स्तर पर इनके सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।
आशुतोष रांका के कागजात सही, 17 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
जांच के दौरान आशुतोष रांका द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी दस्तावेज वैध और सही पाए गए हैं। वहीं, सौरव दास के दस्तावेजों की गहराई से जांच और सत्यापन के लिए स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों नेताओं को आगामी 17 नवंबर को फिर से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इस तय तारीख पर ही दस्तावेजों की वैधता को लेकर अगली कार्रवाई की जाएगी।