अमरावती विभागीय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शुक्रवार को 91.08 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। विभाग के पांच जिलों में बनाए गए 81 मतदान केंद्रों पर शिक्षकों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी शिंदे सेना और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है।
अमरावती विभागीय शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को मतदान शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस मतदान के दौरान विभिन्न केंद्रों पर शिक्षक मतदाताओं में उत्साह देखा गया। अमरावती विभाग के पांच जिलों में कुल 35,810 शिक्षक मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 32,616 शिक्षकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे कुल मतदान प्रतिशत 91.08 दर्ज किया गया।
प्रत्याशियों की स्थिति और मुख्य मुकाबला
इस चुनाव में कुल 26 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। मुख्य मुकाबला सत्ताधारी शिंदे सेना के उम्मीदवार किरण सरनाईक और कांग्रेस की उम्मीदवार अदिति पोहरे के बीच माना जा रहा है। इनके अलावा मैदान में डटे अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में भाजपा की बागी निर्दलीय संगीता शिंदे, शेखर भोयर, शिवसेना के बागी एवं पूर्व विधायक प्रा. श्रीकांत देशपांडे, उद्धव ठाकरे गुट के प्रा. दत्तात्रय लहाने, विमाशि के दिलीप कडू, निर्दलीय प्रा. डॉ. प्रशांत विधे और अविनाश बोर्डे शामिल हैं।
अमरावती जिले में मतदान और प्रशासनिक तैयारी
अमरावती जिले की 14 तहसीलों के अंतर्गत कुल 25 मतदान केंद्र बनाए गए थे। जिले में 10,097 शिक्षक मतदाता मतदान के लिए पात्र थे, जिनमें से 9,023 मतदाताओं ने अपने वोट डाले। चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और भयमुक्त रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
शहर पुलिस के अंतर्गत तैनात सुरक्षा बल में 3 पुलिस उपायुक्त, 3 सहायक पुलिस आयुक्त, 14 पुलिस निरीक्षक, 20 पुलिस उपनिरीक्षक और 300 अन्य पुलिस कर्मी शामिल रहे। पुलिस आयुक्त राकेश ओला और ग्रामीण पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम ने भारी पुलिस बल के साथ विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा किया। पुलिस आयुक्त ने स्वयं कैंप रोड स्थित गोल्डन किड्स इंग्लिश प्राइमरी स्कूल के केंद्र पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया, जहां उनके साथ वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गोरखनाथ जाधव भी मौजूद थे।
राजनीतिक सक्रियता और दिग्गजों की मौजूदगी
शहर के गर्ल्स हाईस्कूल चौक के पास विभिन्न उम्मीदवारों द्वारा अपने सहायता बूथ लगाए गए थे। महायुति के उम्मीदवार किरण सरनाईक के बूथ पर सुबह से ही विधायक संजय खोडके और पूर्व विधायक ज्ञानेश्वर धाने पाटिल सक्रिय दिखे। भाजपा जिला अध्यक्ष व विधायक प्रताप अडसड ने भी बूथ पर पहुंचकर मतदान की जानकारी ली। दूसरी ओर, कांग्रेस प्रत्याशी अदिति पोहरे के बूथ पर पूर्व मंत्री हर्षवर्धन देशमुख और पूर्व मंत्री डॉ. सुनील देशमुख समेत कई नेता पूरी तरह सक्रिय नजर आए। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी की निगाहें आगामी 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जिसके बाद ही चुनावी नतीजों की तस्वीर साफ होगी।