दिल्ली विश्वविद्यालय में छह लाख से अधिक छात्र होंगे शामिल, बिना लेट फीस 15 नवंबर तक भरें फॉर्म
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में दिसंबर-जनवरी सत्र की सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। विश्वविद्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार परीक्षाओं में छह लाख से अधिक छात्र भाग लेंगे। नियमित कॉलेजों के साथ-साथ नॉन-कॉलेजिएट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) और स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के विद्यार्थी भी इन परीक्षाओं में शामिल होंगे।
विश्वविद्यालय की ओर से स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के नियमित छात्रों के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। छात्र बिना किसी विलंब शुल्क के 15 नवंबर तक अपना परीक्षा फॉर्म जमा कर सकते हैं। इसके बाद विलंब शुल्क के साथ फॉर्म भरने के लिए 22 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है, जिसका लाभ वे छात्र उठा सकते हैं जो तय समय पर आवेदन नहीं कर पाए हैं।
संभावित डेटशीट और परीक्षा में बदलाव का विकल्प
डीयू प्रशासन द्वारा स्नातक पाठ्यक्रमों की संभावित डेटशीट जारी कर दी गई है। डेटशीट सामने आने के बाद अब विद्यार्थियों की निगाहें अंतिम समय में होने वाले संभावित बदलावों और संशोधन पर टिकी हैं। यदि किसी छात्र के एक ही दिन दो अलग-अलग विषयों के पेपर पड़ जाते हैं, तो ऐसी स्थिति में वे विश्वविद्यालय को इसकी सूचना देकर डेटशीट में बदलाव का आग्रह कर सकते हैं, जिस पर नियमानुसार विचार किया जाता है।
इन छात्रों को भी मिलेगा परीक्षा में बैठने का अवसर
इस वर्ष जुलाई के महीने में स्नातक पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थी अपने कॉलेज जीवन की पहली मुख्य सेमेस्टर परीक्षा में बैठेंगे। इनके अलावा, विभिन्न पाठ्यक्रमों के तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर के छात्र भी निर्धारित परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार अपनी परीक्षा देंगे। विश्वविद्यालय के नियमों के तहत इस बार सुधारात्मक परीक्षा यानी इम्प्रूवमेंट एग्जाम, एसेंशियल रिपीटर्स (ईआर) श्रेणी के छात्रों और पूर्व छात्रों (एक्स-स्टूडेंट्स) को भी अपनी परीक्षा पूरी करने और अंक सुधारने का पूरा अवसर प्रदान किया जा रहा है।
फरवरी तक चल सकती हैं एसओएल की परीक्षाएं
नियमित और एनसीवेब के छात्रों के साथ-साथ एसओएल के विद्यार्थियों की परीक्षाएं भी दिसंबर महीने से ही शुरू हो जाएंगी। हालांकि, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों का दायरा बड़ा होने के कारण इनकी परीक्षाएं फरवरी महीने तक चलने की पूरी संभावना है। ऐसे में सभी संकायों और बोर्ड के छात्रों को अपनी तैयारी और आवेदन की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।