सिकरारा, जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के डमरुआ गांव में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां दो बच्चों की 28 वर्षीय मां प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ते हुए लगभग 120 मीटर ऊंचे मोबाइल टावर पर जा चढ़ी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों और स्थानीय लोगों की लंबी मशक्कत तथा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद महिला करीब ढाई घंटे बाद टावर से नीचे उतरी, जिसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला की पहचान आजमगढ़ जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के धन्नीपुर विसयां गांव निवासी संजय चौहान की पुत्री आशा चौहान के रूप में हुई है। उसका विवाह वर्ष 2021 में भदोही जिले के महजदा सुरियावां गांव निवासी बबलू चौहान के पुत्र मुन्ना चौहान के साथ धूमधाम से हुआ था। शादी के एक साल बाद पुत्र शिवम और दो साल बाद पुत्री ज्योति का जन्म हुआ।
पारिवारिक सूत्रों और पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, इसी दौरान आशा देवी का अपने ननिहाल पक्ष के डमरुआ गांव निवासी रिश्तेदार भोंदू चौहान के यहां आना-जाना शुरू हुआ। यहीं उसकी मुलाकात गांव के ही रहने वाले सचिन गिरी से हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इसके बाद आशा देवी अपने पति मुन्ना चौहान को छोड़कर प्रेमी सचिन के साथ सूरत चली गई, जहां दोनों एक धागा बनाने वाली कंपनी में काम करने लगे। इस दौरान उनका चार वर्षीय बेटा शिवम पति मुन्ना चौहान के पास और बेटी ज्योति ननिहाल में रहने लगी।
प्रेमी के फरार होने पर उठाया कदम
चर्चाओं के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान दोनों सूरत से अपने घर लौटे। सचिन गिरी अपने गांव डमरुआ आ गया, जबकि आशा अपने मायके आजमगढ़ चली गई। ग्रामीणों के अनुसार, 25 अक्टूबर को आशा देवी सीधे प्रेमी सचिन के घर डमरुआ पहुंच गई, जिसे देखकर सचिन घर से फरार हो गया।
प्रेमी के घर से गायब होने के बाद आशा वहीं बैठकर उससे शादी करने की जिद करने लगी, लेकिन सचिन के परिवार वाले इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुए। परिवार के विरोध और प्रेमी के सामने न आने से आहत होकर आशा ने गुरुवार को दिन में करीब साढ़े ग्यारह बजे गांव में स्थित एक मोबाइल टावर पर छलांग जैसी स्थिति बनाते हुए उसके शिखर पर जा बैठी।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उतरी नीचे
टावर पर महिला के चढ़ने की खबर मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। कई लोग मोबाइल से इस घटना का वीडियो और फोटो बनाते नजर आए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत सिकरारा थाने को सूचना दी।
सूचना पाकर थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाउडस्पीकर और माइक के जरिए लगातार महिला से संवाद स्थापित किया। थाना प्रभारी ने उसे समझाते हुए आश्वासन दिया कि उसकी जो भी समस्याएं और मांगें हैं, वह नीचे आकर बताए, जिस पर नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस भरोसे और समझाने के बाद लगभग ढाई घंटे की मशक्कत के बाद महिला टावर से नीचे उतरी। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से उसे चिकित्सीय परीक्षण के लिए अस्पताल भेज दिया।