लखनऊ में संगठनात्मक बैठकों का दौर तेज, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे से पहले रणनीतिक मंथन शुरू
उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सांगठनिक तैयारियां और अधिक तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लखनऊ दौरे से ठीक पहले गुरुवार को बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारियों की एक अहम बैठक शुरू हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने संयुक्त रूप से की। बैठक में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह समेत तमाम प्रमुख प्रदेश पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य एजेंडा संगठन की आगामी तैयारियों, तय कार्यक्रमों को अमलीजामा पहनाने और मिशन 2027 की रणनीति को धार देना है।
बूथ स्तर तक काम पूरा करने पर जोर
बीजेपी नेता नीरज सिंह ने मीडिया से बातचीत में जानकारी दी कि पार्टी के संगठन की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस बूथ स्तर तक मजबूती से काम पूरा करने पर है। उन्होंने बताया कि नई कार्यसमिति की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की जाएगी, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विशेष रूप से शामिल होंगे। इस उच्चस्तरीय बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव लाया जाएगा, अध्यक्षीय भाषण होगा और पार्टी के आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। इसके अलावा, अमित शाह पार्टी संगठन को आगामी राजनीतिक रणनीतियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान करेंगे।
विधान परिषद चुनाव नतीजों पर आत्ममंथन
हाल ही में आए उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) चुनाव के परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए नीरज सिंह ने बताया कि बीजेपी को अपनी छह सीटों पर एक बार फिर से जीत हासिल हुई है। उन्होंने दावा किया कि पिछले विधान परिषद चुनाव की तुलना में इस बार पार्टी के पक्ष में अधिक वोट पड़े हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ सीटों पर पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है और इन परिणामों की गहराई से समीक्षा की जाएगी।
नीरज सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी की सांगठनिक कमेटी इस बात पर गहन चर्चा करेगी कि किन निर्वाचन क्षेत्रों में कमी रह गई और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या रहे। जहां कहीं भी कोई त्रुटि या कमजोरी सामने आएगी, उसे दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इन चुनावी नतीजों से सीख लेकर पार्टी संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास किया जाएगा।
विपक्ष के प्रदर्शन और सपा के दावों पर हमला
विधान परिषद चुनाव के परिणामों के बहाने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए नीरज सिंह ने कहा कि विपक्षी पार्टियों को भी अपने गिरते या ठहरते प्रदर्शन पर विचार करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, चुनाव के दौरान विपक्ष का वोट एक ही पार्टी के पक्ष में एकजुट होता हुआ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो दल चुनावी प्रक्रिया और प्रणाली को लेकर सबसे ज्यादा सवाल खड़े करता है, इस चुनाव में उसका खाता तक नहीं खुल सका। वहीं, समाजवादी पार्टी की ओर से साल 2027 में अपनी सरकार बनाने के किए जा रहे दावों को उन्होंने पूरी तरह से ओवरकॉन्फिडेंस करार दिया।
जब उनसे यह पूछा गया कि विधान परिषद चुनाव के दौरान बीजेपी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं के कारण क्या चुनावी समीकरण प्रभावित हुए हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि इसके पीछे जो भी कारण रहे हों, पार्टी की अनुशासनात्मक और सांगठनिक कमेटी बैठक कर इस पर पूरी चर्चा करेगी।