पीलीभीत के पूरनपुर नगर क्षेत्र में एक जंगली हाथी के अचानक पहुंच जाने से स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई। हाथी एक बाइक सवार के बेहद करीब पहुंचकर चिंघाड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीमें तुरंत हरकत में आ गईं और घंटों की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित रूप से जंगल में वापस पहुंचाया गया।
घटना की शुरुआत तब हुई जब हाथी ने पूरनपुर की सड़कों पर दस्तक दी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह हाथी काफी देर तक स्थानीय कब्रिस्तान के भीतर रुका रहा। इस दौरान नगर के मुख्य मार्गों पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जैसे ही हाथी एक बाइक सवार के करीब पहुंचा और उसने चिंघाड़ना शुरू किया, वहां मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए। घटना से जुड़े कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगे, जिनमें हाथी की मौजूदगी और उसके आसपास जुटी भीड़ साफ दिखाई दे रही है।
प्रशासन और वन विभाग का रेस्क्यू ऑपरेशन
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और वन विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। पुलिस बल ने सुरक्षा के लिहाज से भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को हाथी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए। दूसरी ओर, वन विभाग के कर्मचारी और अधिकारी लगातार यह प्रयास करते रहे कि हाथी को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित तरीके से घने जंगल की ओर खदेड़ा जाए। भारी भीड़ और शहरी इलाके की तंग सड़कों के बीच हाथी को संभालना वन कर्मियों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ।
कई इलाकों से गुजरते हुए हरीपुर रेंज तक पहुंचा हाथी
प्रशासन और वन विभाग के संयुक्त प्रयासों के बाद आखिरकार हाथी ने शहर की सीमा से बाहर का रुख किया। काफी मशक्कत के बाद वह ब्लॉक रोड की तरफ आगे बढ़ा। इसके पश्चात हाथी ने रेलवे ट्रैक का रास्ता पकड़ा और सिमरिया ताल्लुके महाराजपुर गांव जा पहुंचा। वहां से उदयपुर खुर्द अंडरपास को पार करते हुए वह बिलहरी गांव की आबादी से सटे खेतों के रास्तों से होता हुआ अंततः हरीपुर रेंज के जंगल में प्रवेश कर गया। हाथी के पूरी तरह जंगल के भीतर लौट जाने के बाद ही पुलिस, वन विभाग और स्थानीय ग्रामीणों ने चैन की सांस ली।
ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से था चिंता का माहौल
उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों और जंगलों से सटे इलाकों में जंगली जानवरों, विशेषकर हाथियों की आवाजाही कोई नई बात नहीं है। जंगल से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के आने से किसान और ग्रामीण पहले से ही चिंतित और परेशान रहते हैं। हालांकि, इस बार हाथी के सीधे पूरनपुर नगर की सीमा और शहरी आबादी तक पहुंच जाने के कारण लोगों की चिंता और असुरक्षा की भावना काफी बढ़ गई थी। इस घटना ने एक बार फिर वन क्षेत्रों के पास बसे इलाकों में वन्यजीवों और इंसानों के बीच टकराव की स्थिति और सुरक्षा के उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। देर रात हाथी के हरीपुर रेंज के जंगल में सुरक्षित लौटने के बाद ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो पाई।