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केवीएस साक्षात्कार की तिथि बदलने की उठी मांग, दो परीक्षाओं के टकराने से अटकी करियर की राह

केवीएस साक्षात्कार की तिथि बदलने की उठी मांग, दो परीक्षाओं के टकराने से अटकी करियर की राह

शिक्षा के गलियारों में इस समय एक ऐसी असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जिसने एक होनहार अभ्यर्थी के वर्षों की मेहनत को संकट में डाल दिया है। मामला केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जहां तारीखों के टकराव ने एक उम्मीदवार के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अब केंद्रीय राज्य मंत्री से गुहार लगाई गई है ताकि एक युवा का भविष्य सुरक्षित हो सके।

क्या है पूरा मामला?

केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) की शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में सफलता पाने वाले उम्मीदवारों के लिए साक्षात्कार का दौर चल रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत पीजीटी अर्थशास्त्र (PGT Economics) पद के लिए चुने गए अभ्यर्थी सुजीत कुमार का साक्षात्कार आगामी 24 सितंबर 2026 को निर्धारित किया गया है।

लेकिन एक प्रतियोगी परीक्षा के सफर में कई बार ऐसी अड़चनें आ जाती हैं, जिनकी उम्मीद नहीं की जाती। सुजीत कुमार के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। उन्होंने अपनी इस समस्या के समाधान के लिए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के सीटीईटी विंग को आधिकारिक तौर पर प्रार्थना पत्र भेजा है।

एक ही दिन आमने-सामने दो बड़ी परीक्षाएं

सुजीत कुमार की मुख्य समस्या यह है कि जिस दिन (24 सितंबर 2026) उनका केवीएस का साक्षात्कार तय हुआ है, ठीक उसी दिन उत्तर प्रदेश में सहायक प्रोफेसर (अर्थशास्त्र) पद की मुख्य परीक्षा भी आयोजित होने जा रही है। किसी भी शिक्षक अभ्यर्थी के लिए ये दोनों ही अवसर बेहद महत्वपूर्ण और जीवन बदलने वाले हैं।

अभ्यर्थी ने अपनी अर्जी में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया है कि उत्तर प्रदेश में सहायक प्रोफेसर पद की यह मुख्य परीक्षा लगभग पांच लंबे वर्षों के अंतराल के बाद आयोजित हो रही है। इस परीक्षा की प्रारंभिक यानी प्रीलिम्स परीक्षा को पास करने के बाद उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए अर्हता प्राप्त की थी। ऐसे में, यदि तारीखों में बदलाव नहीं होता है, तो उन्हें इनमें से किसी एक सुनहरे अवसर को छोड़ना पड़ेगा, जो उनके करियर के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।

अन्य तिथियों पर साक्षात्कार का विकल्प

सबसे राहत की बात यह है कि इस समस्या का एक व्यावहारिक समाधान भी मौजूद है। सुजीत कुमार ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट किया है कि केवीएस पीजीटी अर्थशास्त्र के साक्षात्कार केवल 24 सितंबर को ही नहीं, बल्कि अन्य तारीखों जैसे 22, 23, 25 और 26 सितंबर 2026 को भी आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने संबंधित चयन बोर्ड और प्रशासनिक अधिकारियों से विनम्र निवेदन किया है कि उनके साक्षात्कार की तिथि को बदलकर 26 सितंबर या किसी अन्य उपयुक्त तिथि पर शिफ्ट कर दिया जाए। यदि ऐसा संभव हो जाता है, तो वह बिना किसी मानसिक तनाव के दोनों महत्वपूर्ण परीक्षाओं में पूरी शिद्दत के साथ भाग ले सकेंगे।

आवश्यक दस्तावेजों के साथ लगाई गुहार

अपनी बात को पूरी तरह से प्रामाणिक और मजबूत बनाने के लिए अभ्यर्थी ने आवेदन के साथ तमाम जरूरी दस्तावेज संलग्न किए हैं। इनमें निम्नलिखित प्रमुख साक्ष्य शामिल हैं:

  • केवीएस साक्षात्कार पत्र (KVS Interview Letter)
  • उत्तर प्रदेश सहायक प्रोफेसर परीक्षा का प्रवेश पत्र (Admit Card)
  • दोनों परीक्षाओं का आधिकारिक परीक्षा कार्यक्रम (Exam Schedule)
  • पूर्व में भेजे गए ई-मेल का विवरण
  • मुख्य परीक्षा का आवेदन पत्र और परीक्षा परिणाम के साक्ष्य

इन सभी दस्तावेजों के जरिए उन्होंने प्रशासनिक तंत्र को यह समझाने का प्रयास किया है कि उनकी मांग पूरी तरह से वास्तविक और न्यायसंगत है।

मानवीय दृष्टिकोण की दरकार

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राएं दिन-रात एक करके सालों तक संघर्ष करते हैं। जब ऐसे में दो अलग-अलग विभागों की परीक्षाएं या साक्षात्कार एक ही दिन पड़ जाएं, तो यह किसी मानसिक प्रताड़ना से कम नहीं होता। सुजीत कुमार ने पूरी उम्मीद जताई है कि देश के शिक्षा मंत्रालय और संबंधित विभाग उनके इस मामले पर मानवीय आधार पर विचार करेंगे।

अब देखना यह होगा कि केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी के कार्यालय और केवीएस प्रशासन की ओर से इस मामले में क्या रुख अपनाया जाता है। क्या इस युवा अभ्यर्थी को राहत देते हुए साक्षात्कार की तिथि में बदलाव किया जाएगा? यह तो आने वाले दिनों में ही स्पष्ट होगा, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर से देश की विभिन्न भर्ती संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल (Coordination) की आवश्यकता पर बहस छेड़ दी है।

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रोशनी गुप्ता

रोशनी गुप्ता

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रोशनी गुप्ता जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं।...

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