जिंदगी और मौत का खेल कब किस मोड़ पर किस रूप में सामने आ जाए, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर एक ऐसा ही दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां पूरा परिवार अपने देश के वीर सपूत और पिता के अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटा था और उनकी पार्थिव देह का इंतजार कर रहा था, वहीं दूसरी तरफ एक अप्रत्याशित सड़क हादसे ने उस परिवार की बाकी बची उम्मीदों को भी हमेशा के लिए मलबे में दबा दिया।
शहीद पिता का शव ला रही एंबुलेंस का हुआ भीषण एक्सीडेंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सेना के एक सूबेदार मेजर के शहादत के बाद उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाया जा रहा था। इस दुखद और गमगीन माहौल में परिजनों के साथ-साथ उनके अपने भी गाड़ियों से साथ चल रहे थे। सफर के दौरान पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर अचानक यह दर्दनाक हादसा घटित हुआ। गति और अनियंत्रित हालात के बीच एंबुलेंस एक भयानक दुर्घटना का शिकार हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और मौके पर चीख-पुकार मच गई।
इस हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें मौके पर ही बड़ा नुकसान हुआ। शुरुआती प्रशासनिक रिपोर्टों के मुताबिक, इस सड़क दुर्घटना में कुल चार लोगों की जान चली गई है। मरने वालों में केवल वाहन के अन्य लोग ही नहीं, बल्कि खुद शहीद सूबेदार मेजर का जवान बेटा भी शामिल है, जो अपने पिता के अंतिम सफर में उनके साथ आगे-आगे चल रहा था। एक ही घर से दो पीढ़ियों की इस तरह अचानक और एक साथ अर्थी उठने की खबर ने पूरे इलाके में मातम पसर दिया है।
खुशियों और सम्मान की जगह पसरा मातम
देश की सरहद की रक्षा करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पिता और फिर कुछ ही घंटों के भीतर उनके बेटे की इस प्रकार असमय मौत ने हर संवेदनशील इंसान की आंखें नम कर दी हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल को जैसे ही इस दुर्घटना की सूचना मिली, वे तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए कई को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासनिक अमला और स्थानीय लोगों में शोक की लहर
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के आला अधिकारी और जिला प्रशासन के वरिष्ठ नुमाइंदे भी मौके पर पहुंच गए। यातायात को तुरंत सुचारू किया गया और क्षतिग्रस्त वाहनों को एक्सप्रेसवे से हटाया गया। इस मर्माहत करने वाली घटना पर देश भर के सैन्य अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
- हादसे का स्थान: पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (उत्तर प्रदेश)
- घटना का कारण: तेज रफ्तार और अचानक नियंत्रण खोना (प्राथमिक आकलन)
- कुल मौतें: चार लोग (शहीद के बेटे सहित)
- स्थिति: पुलिस और प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य पूरा, जांच जारी
एक्सप्रेसवे पर हादसों का बढ़ता ग्राफ
यह दुखद हादसा एक बार फिर से तेज गति वाले एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा और यातायात नियमों की सख्ती को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि तकनीकी तौर पर आधुनिक बनाए गए इन एक्सप्रेसवे पर लगातार निगरानी के दावे किए जाते हैं, लेकिन जरा सी लापरवाही या वाहन का अनियंत्रित होना पल भर में कैसे किसी हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ सकता है, यह वाकया उसका सबसे बड़ा और खौफनाक उदाहरण बन गया है।
फिलहाल, मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रशासनिक स्तर पर पीड़ित परिवार को हरसंभव ढांढस बंधाने का प्रयास किया जा रहा है। एक तरफ जहां देश उस वीर सूबेदार मेजर की शहादत को सलाम कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे और अन्य साथियों की इस आकस्मिक विदाई ने हर देशवासी के दिल को गहरे जख्म दे दिए हैं।