छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर की ओर बढ़ रहा चक्रवात, सोनभद्र होते हुए उत्तर प्रदेश में प्रवेश
अर्नब चक्रवात की सक्रियता तट से टकराने के बाद अब उत्तर दिशा की ओर छत्तीसगढ़ के रास्ते आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों और आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के अनुसार, इस चक्रवात का प्रभाव अगले 12 से 24 घंटों के भीतर वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में बड़े पैमाने पर दिखने का अनुमान है। मंगलवार की सुबह इस चक्रवात की सक्रियता सिंगरौली तक पहुंच चुकी थी, जिसके बाद इसके अगले चरण में सोनभद्र के रास्ते उत्तर प्रदेश की सीमा में प्रवेश करने का अनुमान जताया गया था।
मौसम विभाग के अद्यतन पूर्वानुमान के मुताबिक, बादलों की सक्रियता का दौर पश्चिम और उत्तर की ओर रुख कर रहा है। मंगलवार दोपहर तक यह सक्रियता सोनभद्र जिले तक पहुंच गई थी, जिसके बाद शाम और देर रात्रि तक पूर्वांचल के अन्य जिलों में भी बादलों के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने वाराणसी और आसपास के जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वाराणसी में तापमान और आर्द्रता की स्थिति
चक्रवात के प्रभाव और बादलों की आवाजाही के बीच वाराणसी में पिछले चौबीस घंटों के दौरान मौसम में बदलाव दर्ज किया गया है। शहर का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.0 डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं, न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस कम है।
मौसम में नमी के स्तर पर नजर डालें तो इस दौरान न्यूनतम आर्द्रता 68 प्रतिशत और अधिकतम आर्द्रता 80 प्रतिशत दर्ज की गई है। पिछले चौबीस घंटों में अधिकतम आर्द्रता में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के पीछे आसमान में छाने वाले बादलों और चक्रवात की आगामी सक्रियता मुख्य वजह है।
कृषि विभाग की किसानों को सतर्क रहने की हिदायत
पूर्वांचल में अर्नब चक्रवात के कारण संभावित भारी बारिश और मौसम के बदले मिजाज को ध्यान में रखते हुए कृषि विभाग ने भी पूरी तरह सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और कृषि उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं, ताकि अचानक होने वाली बारिश से संभावित नुकसान से बचा जा सके। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और मौसम विभाग के अगले अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।