हरियाणा के करनाल में आयोजित प्रतियोगिता में अमरोहा की बेटी ने लहराया परचम, ओवरऑल 'स्ट्रॉन्ग वुमन' का खिताब भी अपने नाम किया
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले की रहने वाली 15 वर्षीय खुशी ने खेल के मैदान में एक बार फिर जिले का नाम रोशन किया है। हरियाणा में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस उपलब्धि के बाद से उनके पैतृक गांव और परिवार में जश्न का माहौल है, साथ ही स्थानीय स्तर पर उन्हें बधाइयां मिलने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमरोहा के अतरासी रोड स्थित गांव मेहम्दी की मढ़ैया निवासी मदनपाल की पुत्री खुशी ने हरियाणा के करनाल जिले के असंध क्षेत्र में आयोजित 16वीं आरपीएफ नेशनल पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप रॉ-2026 में हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता गत 23 और 24 अक्टूबर को संपन्न हुई थी। इस राष्ट्रीय स्पर्धा में देश भर से आए कई प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, लेकिन खुशी ने अपने वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।
कड़ी मेहनत और वजन घटाने की संघर्षपूर्ण यात्रा
प्रतियोगिता में यह मुकाम हासिल करना खुशी के लिए आसान नहीं था। उन्होंने अपनी इस सफलता की पृष्ठभूमि साझा करते हुए बताया कि उन्होंने फिटनेस ऑन फायर जिम के कोच असद अली के मार्गदर्शन में बेहद कड़ी मेहनत की है। खेल के प्रति अपनी रुचि और फिटनेस को बेहतर बनाने के लिए उन्होंने अनुशासन का पालन करते हुए अपने शरीर का 25 किलोग्राम वजन घटाया। वजन कम करने के बाद उन्होंने पावरलिफ्टिंग का नियमित अभ्यास शुरू किया।
रॉ पावरलिफ्टिंग फेडरेशन के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए कमर कस ली। प्रतियोगिता के दौरान अन्य वरिष्ठ और अनुभवी प्रतिभागियों को देखकर उन्होंने घबराने के बजाय अपने आत्मविश्वास को मजबूत रखा और अपनी क्षमता पर भरोसा जताया। कड़े मुकाबले में उन्होंने सभी प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक के साथ-साथ 'ओवरऑल स्ट्रॉन्ग वुमन' की प्रतिष्ठित ट्रॉफी भी अपने नाम कर ली।
परिवार और कोच को दिया सफलता का श्रेय
अपनी इस बड़ी उपलब्धि का पूरा श्रेय खुशी ने अपने परिजनों और अपने जिम कोच असद अली को दिया है। उनका कहना है कि परिवार के निरंतर सहयोग और कोच के सटीक मार्गदर्शन के बिना यह मुकाम हासिल करना संभव नहीं था। बेटी की इस सफलता पर पिता मदनपाल ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल उनके परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे अमरोहा जनपद के लिए अत्यंत गौरव का क्षण है।