अयोध्या, वाराणसी और मथुरा में बम विस्फोट की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क। 7 नवंबर को दीपोत्सव में सीएम योगी और उपराष्ट्रपति होंगे शामिल।
वाराणसी और मथुरा समेत अयोध्या में दीपोत्सव समारोह से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। उत्तर प्रदेश के इन प्रमुख धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद तंत्र ने एहतियात के तौर पर सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है।
आगामी 7 नवंबर को अयोध्या में आयोजित होने वाले भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और देश के उपराष्ट्रपति सहित कई विशिष्ट (VVIP) अतिथि शामिल होने वाले हैं। इस बड़े आयोजन से ठीक पहले आई धमकियों के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है, जिसके चलते पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील करने की तैयारी है।
खुफिया एजेंसियों और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई
इस धमकी के सामने आने के बाद मिलिट्री इंटेलिजेंस, खुफिया ब्यूरो (IB) और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) समेत तमाम प्रमुख सुरक्षा और जांच एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। प्रारंभिक जांच के दायरे में वे डिजिटल माध्यम भी हैं जिनके जरिए ये धमकियां भेजी गई थीं।
विशेषज्ञों की एक टीम मिले हुए धमकी भरे ईमेल की तकनीकी और साइबर स्तर पर गहराई से जांच कर रही है। साइबर एक्सपर्ट्स यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि यह संदेश भेजने वाले असामाजिक तत्व या गिरोह कौन हैं और इसके पीछे की मंशा क्या है।
संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थलों पर पहरा सख्त
अयोध्या के साथ-साथ वाराणसी और मथुरा में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। दीपोत्सव स्थल, मठ-मंदिरों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की कड़ी चेकिंग की जा रही है।
प्रशासन का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि दीपोत्सव का यह पावन और ऐतिहासिक पर्व बिना किसी व्यवधान के पूरी सुरक्षा और शांति के साथ संपन्न हो सके, जिसके लिए सुरक्षा बलों को लगातार गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं।