लखनऊ में कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला, 10 सदस्यीय टीम ने की 6.30 घंटे की मैराथन पूछताछ
लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस ने कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश से गहन पूछताछ की है। डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय के नेतृत्व में गठित दस सदस्यीय टीम ने गुरुवार सुबह 9:45 बजे मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया, जो लगभग साढ़े छह घंटे तक चला। इस पूरी पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी का रुख टालमटोल वाला रहा और उसने हर बार एक ही रटा-रटाया जवाब दिया कि उसके वकील से ही संपर्क किया जाए और प्रत्येक प्रश्न का उत्तर उनके वकील ही देंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग कमरों में बैठाकर की गई इस पूछताछ में श्रद्धा के अलावा उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक तनवीर अली उर्फ दानिश ने भी यही दोहराया कि किसी भी सवाल का संतोषजनक उत्तर देने के बजाय उनके कानूनी सलाहकार ही बात करेंगे। पुलिस अधिकारियों ने तीनों से घटनाक्रम, फरारी और अन्य पहलुओं से जुड़े 120 से अधिक तीखे सवाल पूछे। जब उनसे यह पूछा गया कि वे घटना के तुरंत बाद फरार क्यों हो गए थे, तो श्रद्धा ने केवल जेल जाने के डर का हवाला दिया। हालांकि, 9 अक्टूबर की घटना और नेपाल पहुंचने से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण सवालों पर वह पूरी तरह चुप्पी साध गई। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
फ्लैट का घटनाक्रम और नेपाल भागने की गुत्थी
पुलिस कमिश्नरेट इस बात की तह तक जाना चाहती थी कि 9 अक्टूबर की शाम को लखनऊ स्थित फ्लैट के भीतर असल में क्या हुआ था और शिवा शर्मा की मौत के वक्त वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे। इसके अलावा, घटना के बाद श्रद्धा और अन्य आरोपी नेपाल कैसे पहुंचे, इस पर भी पुलिस ने कड़े सवाल किए। पूछताछ के दौरान श्रद्धा ने शिवा की मौत को एक आत्महत्या करार दिया। उसने पुलिस को बताया कि 8 अक्टूबर की रात बाहर घूमने के बाद वे सभी अगले दिन सुबह फ्लैट पर लौटे और सो गए थे। उसके बयान के मुताबिक, शाम के वक्त किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद शिवा बालकनी की ओर गया और वहां से नीचे कूद गया। रश्मि और दानिश ने भी पुलिस के सामने लगभग यही बयान दोहराया। अब पुलिस इन बयानों की सत्यता की जांच करने के लिए अन्य भौतिक और तकनीकी साक्ष्यों से मिलान कर रही है।
बरामदगी और फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया
जांच के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जबकि इस मामले से जुड़े दो अन्य मोबाइल फोन अभी भी गायब बताए जा रहे हैं। पूछताछ में पुलिस ने नकदी के स्रोत को लेकर भी सवाल उठाए और यह जानने का प्रयास किया कि बिना एटीएम या यूपीआई का उपयोग किए उनके पास इतनी नकदी कहां से आई। इस पर श्रद्धा ने दावा किया कि नेपाल भागने के दौरान रास्ते में उसके मोबाइल फोन गिर गए थे। पुलिस अब बरामद किए गए फोनों की फॉरेंसिक जांच कराने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही, पुलिस आरोपियों के बैंक खातों के लेन-देन और फरारी के दौरान उनके संपर्क में आए अन्य संदिग्ध लोगों की भी बारीकी से पड़ताल कर रही है ताकि इस मामले से जुड़े हर एक तथ्य को उजागर किया जा सके।