मई 2029 तक यमुना को पूरी तरह साफ करने का संकल्प, ओखला में बनेगा सबसे बड़ा एसटीपी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नजफगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यमुना नदी को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करने के उद्देश्य से 8,941 करोड़ रुपये की लागत वाली 43 विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की 'चार इंजन' सरकार मिलकर दिल्ली की जनता को स्वच्छ यमुना और पीने का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। गृह मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में संकल्प लिया कि भाजपा सरकार आगामी मई 2029 तक दिल्ली में यमुना नदी की सफाई का कार्य पूरी तरह पूरा कर लेगी।
प्रमुख परियोजनाएं और ओखला में नया एसटीपी
शुरू की गई इन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं में ओखला क्षेत्र में बनने वाला एक नया सीवेज शोधन संयंत्र (STP) मुख्य रूप से शामिल है। इस संयंत्र की क्षमता 124 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) होगी। यह राष्ट्रीय राजधानी का सबसे बड़ा एसटीपी होगा, जिसे केंद्र और दिल्ली सरकार के संयुक्त प्रयासों से तैयार किया जा रहा है। इसके जरिए गंदे पानी के शोधन की क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
सीवर नेटवर्क और ग्रामीण व अनधिकृत कॉलोनियों पर फोकस
यमुना नदी में गंदा पानी गिरने से रोकने के लिए बाहरी दिल्ली में 29 नए विकेंद्रीकृत सीवेज शोधन संयंत्र (DSTP) और सीवेज पंपिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ये संयंत्र कुल 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गांवों को कवर करेंगे, जिससे लगभग 36.29 लाख निवासियों को सीधा लाभ पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त, गंदे पानी को सीधे नदी में जाने से रोकने के लिए 1,034 किलोमीटर लंबा नया सीवर नेटवर्क बिछाने की बड़ी परियोजना की भी आधारशिला रखी गई है।
नेताओं के बयान और राजनीतिक प्रतिक्रिया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकारें केवल बहाने ढूंढती थीं, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार आगामी तीन वर्षों के भीतर हर घर तक सीवेज कनेक्शन और साफ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ निर्धारित समयसीमा से पहले यमुना को स्वच्छ कर देगी। इस उद्घाटन समारोह में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी विचार रखे और कहा कि इन नई परियोजनाओं से जलमल शोधन क्षमता में अभूतपूर्व सुधार दर्ज किया जाएगा। वहीं, जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि ये ठोस कदम दिल्ली सरकार के प्रशासनिक और पर्यावरणीय प्रयासों को अत्यधिक मजबूती प्रदान करेंगे।