प्राकृतिक आपदाओं के समय सतर्कता और सूझबूझ से कम की जा सकती है जन-धन की हानि: जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी
सुलतानपुर में अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर माय भारत संगठन की ओर से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन और आपदा जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए युवाओं और स्वयंसेवकों को तैयार करना था, ताकि वे संकट के समय प्रभावी ढंग से राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आदित्य जायसवाल ने उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित किया। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं के आने पर बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि आपदा के विकट समय में घबराने के बजाय धैर्य और सूझबूझ के साथ काम लेना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना, अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित करना और अन्य प्रभावित लोगों की सहायता करने के लिए सटीक जानकारी होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
प्रशिक्षण सत्र का दायरा केवल बचाव तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें युवाओं को आपातकालीन परिस्थितियों में सुरक्षा के आधुनिक उपायों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस आयोजन का मूल उद्देश्य युवाओं को आपदा प्रबंधन के व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना, समाज में सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना और राहत कार्यों में जनभागीदारी को बढ़ावा देना था।
माय भारत मंच के माध्यम से युवाओं को लगातार उनकी सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है ताकि वे विभिन्न जनसेवा और जनहित के कार्यों में सक्रियता से अपनी भूमिका निभा सकें। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में योगेश शर्मा, प्रकाश नारायण सिंह, शिवम सिंह, प्रशांत उपाध्याय, विशाल पांडेय, शरद मिश्रा, अंकित कश्यप, हरीश चंद्र, देवेंद्र यादव, अखिल सिंह, अंजू पांडेय, रिया त्रिपाठी और श्वेता मिश्रा सहित बड़ी संख्या में माय भारत के स्वयंसेवक और युवा उपस्थित रहे।