उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के ठाकुराइनखेड़ा गांव में 13 बिस्वा जमीन को लेकर चल रहे दो साल पुराने विवाद ने खूनी रूप ले लिया है। शनिवार देर रात घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे 48 वर्षीय कन्हैयालाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप उनके ही तीन चचेरे सालों पर है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे की तलाश जारी है।
घटना शनिवार रात करीब 12 बजे की है। ठाकुराइनखेड़ा गांव निवासी कन्हैयालाल खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। शनिवार की रात वह अपने घर के बरामदे में चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान गोलियों की आवाज सुनकर जब स्वजन बाहर आए, तो उन्होंने आंगन से तीन लोगों को भागते हुए देखा। हमलावरों की गोली से कन्हैयालाल का बायां जबड़ा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।
अस्पताल ले जाते समय हुआ गंभीर रूप से घायल
घटना के तुरंत बाद स्वजन कन्हैयालाल को लेकर असोहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचे। वहां से उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल और फिर कानपुर के एलएलआर (हैलट) अस्पताल रेफर किया गया। कानपुर में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कन्हैयालाल की मौत के बाद से उनकी पत्नी उमा, बेटे अमन व अभिषेक, तथा बेटियों आकांशा और अनामिका का रो-रोकर बुरा हाल है।
पारिवारिक और ग्रामीण पक्षों के अलग-अलग दावे
मामले को लेकर ग्रामीणों और परिजनों के बयानों में जमीन के सौदे को लेकर अलग-अलग बातें सामने आई हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कन्हैयालाल ने लखनऊ के मोहनलालगंज के मरुई गांव निवासी अपने चचेरे सालों—नागेंद्र, सुशील और भूपेंद्र—को अपनी 13 बिस्वा जमीन बेचने के एवज में कुछ रुपये लिए थे, लेकिन बाद में जमीन उनके नाम नहीं की।
वहीं, मृतक की बेटी अनामिका ने इन आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि उनके चचेरे मामा पांच से छह लाख रुपये में जबरन पूरी जमीन लिखवाना चाहते थे। पिता द्वारा जमीन देने से मना करने पर वे रंजिश मानने लगे थे। अनामिका ने यह भी दावा किया कि दो महीने पहले चौपई पुलिस चौकी पर इस विवाद को लेकर पंचायत भी हुई थी, जहां सुलह न होने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी थी। बेटी ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस ने पहले ही मामले में सख्ती बरती होती, तो यह घटना न होती।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की तलाश
मृतक के बेटे अमन की तहरीर पर सोहरामऊ थाने में तीनों चचेरे सालों—नागेंद्र, सुशील और भूपेंद्र—के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। सोहरामऊ थाने के प्रभारी निरीक्षक अरविंद पांडेय ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों में से नागेंद्र और सुशील कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरे फरार आरोपी भूपेंद्र की गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त तमंचे की बरामदगी के लिए दबिश दी जा रही है।