लखनऊ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने दिए आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े संकेत।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेहरे और नेतृत्व में ही लड़ेगी। शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े ने इस संबंध में स्पष्ट संकेत दिए हैं। उनके इस बयान को राजनीतिक गलियारों में आगामी चुनाव के लिए पार्टी की आधिकारिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
बैठक के दौरान विनोद तावड़े ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों और प्रशासन की बार-बार सराहना की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'समझदार को इशारा काफी है', जिसे राजनीतिक विश्लेषक 2027 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व की पूर्ण मुहर मान रहे हैं।
सपा पर साधा निशाना, तुलनात्मक आंकड़े जनता के बीच ले जाने के निर्देश
कार्यसमिति की बैठक में विपक्षी दलों पर आक्रामक रुख अपनाते हुए विनोद तावड़े ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से आह्वान किया कि वे वर्ष 2017 से पहले की सरकारों के कार्यकाल और वर्तमान योगी आदित्यनाथ सरकार के कामकाज की तुलनात्मक रिपोर्ट जनता के सामने रखें। पार्टी का मानना है कि दोनों कार्यकालों का अंतर स्पष्ट करके जनता को सरकार की उपलब्धियों से पूरी तरह अवगत कराया जाए।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए थे कि वे विपक्ष के नकारात्मक नैरेटिव का करारा और तथ्यात्मक जवाब दें। सीएम योगी ने बैठक में 'बटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं' का संदेश दोहराते हुए कार्यकर्ताओं से एकजुट रहने और वैचारिक रूप से मजबूत होने की अपील की थी।
विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का रुख और संवाद की रणनीति
बैठक के दौरान हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों और कुछ वर्गों की नाराजगी पर भी खुलकर चर्चा हुई। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के कुछ मुद्दों को लेकर सवर्ण जातियों में कथित नाराजगी के सवाल पर विनोद तावड़े ने स्पष्ट किया कि भाजपा अपने पारंपरिक और अन्य मतदाताओं के बीच सीधे तौर पर जाएगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनता के बीच पहुंचकर उनकी चिंताओं को गंभीरता से सुनें और सरकार का पक्ष सहजता से समझाएं।
इसके अलावा, हाल ही में हुए विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों में पार्टी को मिले परिणामों पर पूछे गए एक अन्य सवाल के जवाब में प्रदेश प्रभारी ने कहा कि चुनाव परिणामों और हर प्रकार की जमीनी परिस्थितियों की गहन विवेचना व समीक्षा के बाद ही इस पर कोई आधिकारिक बात कही जा सकती है। पार्टी हार-जीत के कारणों का आंकलन कर आगामी रणनीतियों को अंतिम रूप दे रही है।