मुंहबोले भाई का विश्वासघात: जेवर में जमीन दिलाने के नाम पर ऐंठे साढ़े आठ लाख रुपये, रकम मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में एक महिला पुलिसकर्मी के साथ विश्वासघात का बड़ा मामला सामने आया है। पारिवारिक संबंध और मुंहबोले भाई का रिश्ता बनाकर एक युवक ने नोएडा में तैनात महिला आरक्षी और उसके परिवार को जमीन में निवेश का झांसा दिया। आरोपी ने कुल साढ़े आठ लाख रुपये ठग लिए और जब पीड़ित परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। अदालत के हस्तक्षेप और आदेश के बाद अब इस मामले में शाहगंज थाने में औपचारिक मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
जेवर में निवेश का झांसा और पारिवारिक नजदीकी का फायदा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी ठगी गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र के ख्वाजपुर निवासी सुनील और उसके सहयोगियों द्वारा की गई है। आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पथौली इलाके की रहने वाली कुसुमलता ने इस संबंध में कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। कुसुमलता की बेटी नोएडा में पुलिस विभाग में आरक्षी (कांस्टेबल) के पद पर कार्यरत है।
शिकायतकर्ता कुसुमलता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी की तैनाती के दौरान ही नोएडा में सुनील से परिचय हुआ था। धीरे-धीरे सुनील ने विश्वास जीता और खुद को महिला आरक्षी का मुंहबोला भाई बताकर उनके परिवार के करीब आ गया। इसके बाद आरोपी का पीड़ित परिवार के घर आना-जाना भी शुरू हो गया। स्थिति तब और पुख्ता हो गई जब बेटी की शादी में सुनील और उसके परिवार को आधिकारिक रूप से आमंत्रित किया गया और सभी से उनका परिचय कराया गया। इसी पारिवारिक भरोसे का फायदा उठाकर जनवरी 2024 में सुनील ने जेवर क्षेत्र में जमीन खरीदने और उसमें निवेश करने का प्रस्ताव रखा।
नवंबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच लिए गए पैसे
आरोपी सुनील ने विश्वास का पूरा लाभ उठाते हुए जमीन के नाम पर किस्तों में पैसे लेना शुरू किया। दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, नवंबर 2025 से लेकर अगस्त 2026 के बीच अलग-अलग समय पर कुल साढ़े आठ लाख रुपये उससे ले लिए गए। तय समय के बाद जब जमीन या निवेश से जुड़ी कोई प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी और पीड़िता ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी के तेवर बदल गए। उसने न केवल रकम लौटाने से इनकार कर दिया, बल्कि महिला आरक्षी और उसके परिवार को जान से मारने की गंभीर धमकियां भी दीं। फोन कॉल का जवाब देना भी बंद कर दिया गया।
एसीपी लोहामंडी ने दी मामले की जानकारी
थाना स्तर पर पुलिस से उचित सहायता न मिलने पर पीड़िता ने अदालत की शरण ली। न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बाद शाहगंज थाने में मुख्य आरोपी सुनील समेत कुल सात लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने मीडिया को जानकारी दी कि आरोपी सुनील, उसकी पत्नी, बेटे, बेटी और प्रदीप सहित कुल सात नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे धोखाधड़ी प्रकरण की गहनता से विवेचना कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।