वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक युवती को उसके ही अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर लगातार शारीरिक शोषण करने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सनसनीखेज मामले के मुख्य वांछित आरोपी को मंगलवार को दबोच लिया। आरोपी पर न केवल दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग, बल्कि जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने के भी गंभीर आरोप हैं।
अमूल डेयरी के पास से हुई गिरफ्तारी
पुलिस आयुक्तालय वाराणसी की तरफ से इन दिनों अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सिगरा थाना पुलिस को एक पुख्ता मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाकर मंगलवार को अमूल डेयरी के पास से आरोपी को धर दबोचा। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मनोज मौर्या (28 वर्ष) पुत्र प्रकाश मौर्या के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मूल रूप से मंडुवाडीह थाना क्षेत्र का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में वह सिगरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी में निवास कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज है मुकदमा
पीड़िता की शिकायत पर सिगरा थाने में इस मामले को लेकर मुकदमा अपराध संख्या 394/2026 दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम यानी एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(va) भी जोड़ी है।
जांच अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि इसमें ब्लैकमेलिंग के साथ-साथ सामाजिक प्रताड़ना और जातिसूचक गालियां देने के भी पुख्ता साक्ष्य मिले हैं। पुलिस कानूनी विशेषज्ञों की मदद से इस केस को मजबूत कर रही है ताकि अदालत में आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
जब पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी मनोज मौर्या की कुंडली खंगाली, तो उसके होश उड़ गए। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी कोई साधारण अपराधी नहीं है, बल्कि उसका एक लंबा और खौफनाक आपराधिक इतिहास रहा है।
वाराणसी कमिश्नरेट के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें मुख्य रूप से:
- मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में दर्ज आपराधिक मामले।
- भेलूपुर थाना क्षेत्र में दर्ज गंभीर धाराओं के मुकदमे।
- मारपीट, छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी देने के मामले।
- पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और दुष्कर्म जैसे घृणित अपराधों से जुड़े मुकदमे।
इन पुराने मामलों से साफ जाहिर होता है कि आरोपी शातिर किस्म का अपराधी है जो पहले भी महिलाओं और युओं को निशाना बनाता रहा है। पुलिस अब उसके पूरे क्रिमिनल रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है।
पुलिस टीम की मुस्तैदी
इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र ने अहम भूमिका निभाई। उनके साथ उपनिरीक्षक शिवम चौधरी, आरक्षी प्रभाकर सिंह यादव और मनीष कुमार गोंड ने तकनीकी और मैदानी साक्ष्यों के आधार पर इस गिरफ्तारी को संभव बनाया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में पुलिस स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) की पैरवी करेगी ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। समाज में इस तरह के तत्वों की मौजूदगी पर लगाम कसने के लिए पुलिस का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।