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बीएचयू में डिस्टेंस लर्निंग की बड़ी तैयारी, खुलेगा नया सेंटर, जानें पूरी डिटेल

बीएचयू में डिस्टेंस लर्निंग की बड़ी तैयारी, खुलेगा नया सेंटर, जानें पूरी डिटेल

बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के परिसरों में शिक्षा के नए युग की शुरुआत होने जा रही है। देश के इस प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान में अब उन तमाम युवाओं के लिए उच्च शिक्षा के दरवाजे पूरी तरह खुलने वाले हैं, जो किन्हीं कारणों से नियमित रूप से कैंपस नहीं आ सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने डिस्टेंस लर्निंग और ऑनलाइन एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाने का मन बनाया है। इसके तहत कैंपस में 'सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन' की स्थापना की जाएगी, जो शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।

सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन की स्थापना

विश्वविद्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस नए केंद्र के जरिए विभिन्न प्रकार के दूरस्थ शिक्षा और ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का सुचारू संचालन किया जाएगा। आज के डिजिटल युग में जहां हर चीज ऑनलाइन और सुलभ हो रही है, ऐसे में बीएचयू का यह कदम उन लाखों विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा जो नौकरीपेशा हैं या आर्थिक व पारिवारिक परिस्थितियों के कारण रेगुलर कॉलेज ज्वॉइन नहीं कर पाते। इस व्यवस्था के जरिए छात्र घर बैठे ही बीएचयू जैसी महान संस्था की डिग्री हासिल कर सकेंगे।

इस पूरे प्रस्ताव को अमलीजामा पहनाने के लिए विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण एकेडमिक काउंसिल (Academic Council) की बैठक बुलाई गई है। इस उच्च स्तरीय बैठक में कुल 12 नए और अहम एजेंडों पर गहन मंथन किया जाएगा। इन एजेंडों के केंद्र बिंदु में मुख्य रूप से डिजिटल और डिस्टेंस एजुकेशन ही रहेगा।

25 हजार रुपये हो सकती है रजिस्ट्रेशन फीस

प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, इस नए डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम के लिए शुरुआती रजिस्ट्रेशन फीस 25 हजार रुपये तय किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इसे लेकर बैठक में अंतिम मुहर लगना बाकी है। इसके अलावा, विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया, शुल्क ढांचे (Fee Structure) और अन्य जरूरी नियमों पर भी एकेडमिक काउंसिल के सदस्य विस्तार से चर्चा करेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का यह प्रयास है कि फीस ऐसी हो जो छात्रों की पहुंच में हो, साथ ही संस्थान के मानकों के अनुरूप भी हो।

ऑनलाइन पाठ्यक्रमों और डिजिटल स्टडी मटेरियल पर जोर

केवल क्लास चलाना ही नहीं, बल्कि छात्रों को उच्च कोटि की पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराना भी इस सेंटर की प्राथमिकता होगी। बैठक में जिन मुख्य बिंदुओं पर विचार होना है उनमें शामिल हैं:

  • विश्वविद्यालय के पारंपरिक और आधुनिक पाठ्यक्रमों को ऑनलाइन मोड में बदलना।
  • विद्यार्थियों के लिए पारदर्शी और सरल ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया तैयार करना।
  • नियमित ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन।
  • विद्यार्थियों को ई-बुक्स, पीडीएफ और वीडियो फॉर्मेट में डिजिटल अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना।

इन तमाम बदलावों का मुख्य उद्देश्य बीएचयू की शैक्षणिक पहुंच को देश के कोने-कोने तक और अधिक विस्तार देना है। शिक्षाविदों का मानना है कि इस पहल से न केवल विश्वविद्यालय के छात्रों की संख्या में इजाफा होगा, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी संस्थान की साख और मजबूत होगी।

12 नए एजेंडों पर टिकी हैं निगाहें

एकेडमिक काउंसिल की होने वाली इस विशेष बैठक में केवल डिस्टेंस लर्निंग ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण शैक्षणिक प्रस्ताव भी पेश किए जाएंगे। कुल 12 एजेंडों पर होने वाले इस विचार-विमर्श में परीक्षा प्रणाली में सुधार, नए वोकेशनल कोर्सेज को हरी झंडी दिखाना और रिसर्च के नए आयामों पर भी बातचीत होने की संभावना है।

हालांकि, इन सभी प्रस्तावों पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है। काउंसिल की बैठक में होने वाले निर्णयों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि छात्र किस सत्र से इन ऑनलाइन और डिस्टेंस कोर्सेज में दाखिला ले सकेंगे। लेकिन इतना तय है कि बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी अब भविष्य की जरूरतों के हिसाब से खुद को ढालने के लिए पूरी तरह तैयार है, और यह कदम भारतीय उच्च शिक्षा व्यवस्था में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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