वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्वभूषण मिश्रा का तबादला कर दिया गया है। शासन स्तर से जारी हुए एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, अब उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) में उप सचिव के पद पर एक नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके इस अचानक हुए तबादले के बाद से प्रशासनिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, हालांकि अभी तक मंदिर के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
गौरतलब है कि विश्वभूषण मिश्रा ने वर्ष 2024 से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की प्रशासनिक कमान संभाल रखी थी। उनके इस कार्यकाल के दौरान बाबा विश्वनाथ के दरबार में आने वाले भक्तों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इस भारी-भरकम भीड़ को संभालना और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था, जिसे उन्होंने अपनी सूझबूझ से काफी हद तक आसान बनाया।
कठिन परिस्थितियों और बड़े आयोजनों को संभालने का रहा है लंबा अनुभव
प्रशासनिक सेवाओं में विश्वभूषण मिश्रा का रिकॉर्ड काफी दमदार और चुनौतीपूर्ण रहा है। काशी विश्वनाथ मंदिर की कमान संभालने से पहले भी वे कई अत्यंत संवेदनशील और बड़े आयोजनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
- वर्ष 2019 का महाकुंभ मेला: प्रयागराज में आयोजित हुए ऐतिहासिक कुंभ मेले के दौरान उन्होंने प्रशासनिक दायित्वों को बहुत ही कुशलता के साथ निभाया था, जहां करोड़ों श्रद्धालुओं का प्रबंधन करना एक बहुत बड़ी चुनौती थी।
- कोविड-19 महामारी का दौर: कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौरान भी उन्हें प्रशासनिक मोर्चे पर तैनात किया गया था, जहां संक्रमण काल के बीच व्यवस्थाओं को सुचारू रखना और लॉकडाउन के नियमों का पालन कराना बड़ी जिम्मेदारी थी।
- श्री काशी विश्वनाथ मंदिर (2024 से अब तक): बाबा के दरबार में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और वीवीआईपी दौरों के बीच आम भक्तों को बिना किसी परेशानी के दर्शन कराने के लिए उन्होंने कई नए प्रशासनिक कदम उठाए।
भीड़ प्रबंधन और बेहतर दर्शन व्यवस्था के लिए हमेशा याद किए जाएंगे प्रयास
विश्वभूषण मिश्रा के कार्यकाल के दौरान काशी विश्वनाथ मंदिर में कई दूरगामी बदलाव देखने को मिले। मंदिर में रिकॉर्ड तोड़ उमड़ती भीड़ को मैनेज करना और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना उनके सामने सबसे बड़ी प्राथमिकता थी। इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए उनके कार्यकाल में एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की गई थी।
इस एसओपी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि मंदिर परिसर के भीतर और बाहर भीड़ का दबाव अचानक न बढ़े। इसके तहत विभिन्न स्तरों पर सुरक्षाकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया गया, ताकि देश-विदेश से आने वाले शिव भक्तों को लाइनों में घंटों न खड़ा रहना पड़े और वे अत्यंत सुगमता के साथ बाबा विश्वनाथ के दर्शन और झांकी का लाभ उठा सकें।
अब नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर शासन के आदेश का इंतजार
विश्वभूषण मिश्रा के अधीनस्थ सेवा चयन आयोग में जाने के बाद अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर का अगला मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) किसे बनाया जाएगा। वाराणसी और उत्तर प्रदेश शासन के गलियारों में नए नाम को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले कुछ ही दिनों में शासन की ओर से नए सीईओ की नियुक्ति को लेकर आधिकारिक आदेश जारी कर दिए जाएंगे, जो मंदिर की व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाएंगे।