उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र कहे जाने वाले वाराणसी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जिले के चौबेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रुस्तमपुर गांव के मिश्रा मोहल्ले में बुधवार शाम को एक 55 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और मातम के साथ-साथ तनाव का माहौल भी गहरा गया है। मृतक के परिजनों ने सीधे तौर पर पड़ोसी और चचेरे भाई पर मारपीट कर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है।
बिहार से चार दिन पहले ही घर लौटे थे आजाद मिश्रा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत व्यक्ति की पहचान 55 वर्षीय आजाद मिश्रा के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि आजाद मिश्रा जीविकोपार्जन के लिए बिहार में रहकर काम करते थे और घटना से ठीक चार दिन पहले ही अपने पैतृक गांव लौटे थे। किसे पता था कि अपने घर की दहलीज पर सुकून के कुछ पल बिताने आए आजाद की यह वापसी उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगी। उनकी पत्नी मधु मिश्रा (लगभग 50 वर्ष) का रो-रोकर बुरा हाल है। दंपती की कोई संतान नहीं थी, जिसके चलते उनका यह परिवार बेहद सीमित था और अब इस आकस्मिक त्रासदी ने पत्नी का इकलौता सहारा भी छीन लिया है।
शाम के वक्त हुआ खूनी संघर्ष
घटना बुधवार शाम करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच की बताई जा रही है। शुरुआती विवरण के अनुसार, उस वक्त मोहल्ले में अचानक शोरगुल मच गया। परिजनों का दावा है कि गांव के ही रहने वाले 40 वर्षीय नागेंद्र मिश्रा (जो रिश्ते में चचेरे भाई भी बताए जाते हैं) के साथ आजाद मिश्रा का पुराना विवाद चल रहा था। आरोप है कि बुधवार को इसी पुरानी रंजिश ने विकराल रूप ले लिया और तीखी नोकझोंक के बाद बात हाथापाई तक पहुंच गई। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान हुई मारपीट में आजाद मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उनकी स्थिति बिगड़ गई, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।
पुलिस प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे मामले में एक बहुत बड़ा और गंभीर पहलू सामने आया है, जो स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाता है। परिजनों ने मीडिया और पुलिस के सामने यह दावा किया है कि आरोपी नागेंद्र मिश्रा के खिलाफ इससे पहले भी कई बार स्थानीय चिरईगांव पुलिस चौकी में लिखित शिकायतें दी गई थीं। उनका तर्क है कि यदि पुलिस ने उन शुरुआती शिकायतों पर तत्परता दिखाते हुए कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई की होती, तो शायद यह नौबत ही नहीं आती और एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, पुलिस इन तमाम आरोपों और पूर्व शिकायतों के दावों की सत्यता की स्वतंत्र और गहराई से जांच कर रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई छानबीन
घटना की सूचना मिलते ही चौबेपुर थाने की पुलिस और एसीपी भारी दल-बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना देर किए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी ताकि घटना की एक-एक कड़ी को जोड़ा जा सके। पुलिस ने मृतक के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रशासन का आधिकारिक बयान और आगे की कार्रवाई
घटना के संबंध में एसीपी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि शुरुआती जांच में आपसी विवाद के दौरान एक व्यक्ति की मृत्यु होने की बात सामने आई है। पुलिस हर संभावित एंगल से मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है—
- मारपीट किन परिस्थितियों में शुरू हुई और इसके पीछे तात्कालिक कारण क्या था।
- आरोपी नागेंद्र मिश्रा की इस घटना में और पूर्व के विवादों में क्या भूमिका रही है।
- परिजनों द्वारा पूर्व में दर्ज कराई गई शिकायतों की फाइलों और उनकी वास्तविकता की जांच।
फिलहाल रुस्तमपुर गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रहे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों (विस्तृत मेडिकल फाइंडिंग्स) का खुलासा हो जाएगा, जिसके आधार पर कानूनी धाराओं में आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर आपसी रंजिश और घरेलू कलह के भयानक परिणामों को उजागर कर दिया है, जहाँ छोटी-छोटी बातें खूनी संघर्ष में बदल जाती हैं।