विजयदशमी के पावन पर्व पर पंचांग गणना के बाद तय हुआ शीतकालीन कपाट बंद होने का आधिकारिक मुहूर्त
चमोली जिले में स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि और समय आधिकारिक रूप से तय कर दिया गया है। आगामी 16 नवंबर को रात्रि 9 बजकर 37 मिनट पर भगवान बदरीविशाल के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण का समापन नजदीक आ जाएगा।
पारंपरिक धार्मिक विधि-विधान और पंचांग गणना के अनुसार कपाट बंद करने का यह शुभ मुहूर्त विजयदशमी के पावन अवसर पर निकाला गया। इस अवसर पर मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारियों, धर्मावलंबियों और वेदपाठियों की उपस्थिति में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए, जिसके बाद शीतकालीन गद्दी स्थल और यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।
प्रतिवर्ष सर्दियों के मौसम में भारी बर्फबारी और अत्यधिक ठंड के कारण बदरीनाथ धाम सहित चारों धामों के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं। शीतकाल के दौरान भगवान बदरीनाथ की उत्सव डोली उनके शीतकालीन प्रवास स्थल के लिए प्रस्थान करती है, जहां अगले छह महीने तक श्रद्धालु वहीं दर्शन करते हैं। कपाट बंद होने की इस तिथि के ऐलान के बाद मंदिर प्रशासन और स्थानीय स्तर पर यात्रा के अंतिम हफ्तों की तैयारियों को व्यवस्थित करने का कार्य तेज कर दिया गया है ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।