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वाराणसी में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 16 सफाई कर्मियों का वेतन कटा

वाराणसी में नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, 16 सफाई कर्मियों का वेतन कटा

वाराणसी में नगर निगम प्रशासन ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर पूरी तरह से सख्त रुख अपना लिया है। हाल ही में अधिकारियों द्वारा शहर के विभिन्न वार्डों में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कई चौंकाने वाली खामियां सामने आईं, जिसके बाद लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों पर तुरंत गाज गिरी है। इस औचक जांच से महकमे में हड़कंप मच गया है।

निरीक्षण के दौरान खुली पोल

शहर की सफाई व्यवस्था और जमीनी स्तर पर मिल रही नागरिक सुविधाओं की असलियत जानने के लिए नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को सरसौली, मध्यमेश्वर, हुकुलगंज और सरायनंदन वार्डों का स्थलीय निरीक्षण किया। हालांकि मुख्य मार्गों पर साफ-सफाई ठीक-ठाक मिली, लेकिन जैसे ही अधिकारी अंदरूनी गलियों और मोहल्लों में पहुंचे, वहां की स्थिति ने पोल खोल दी।

निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर गलियों में गंदगी के ढेर मिले, नालियों में भारी सिल्ट जमी हुई थी, कई स्थानों पर जलजमाव की समस्या से लोग जूझते दिखे और तो और, दिन के उजाले में भी स्ट्रीट लाइटें जलती हुई पाई गईं। इन तमाम अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने मौके पर ही संबंधित विभागों को फटकार लगाई और कई खामियों को तत्काल दूर करवाया।

16 सफाई कर्मी मिले गैरहाजिर, वेतन काटने का आदेश

अधिकारियों की इस औचक जांच का सबसे बड़ा कड़ा एक्शन सफाई कर्मियों की अनुपस्थिति पर देखने को मिला। चारों वार्डों को मिलाकर कुल 16 सफाई कर्मी ऐसे पाए गए जो बिना किसी पूर्व सूचना के अपनी ड्यूटी से नदारद थे। इस गंभीर लापरवाही पर अधिकारियों ने बिना कोई नरमी बरते सभी 16 अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही संबंधित वार्डों के सफाई सुपरवाइजरों को भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

वार्डवार सामने आई गड़बड़ियां

शहर के इन चार प्रमुख वार्डों में निरीक्षण के दौरान अलग-अलग प्रकार की समस्याएं और लापरवाही देखने को मिली:

  • सरसौली वार्ड: संयुक्त नगर आयुक्त जितेंद्र कुमार आनंद ने जब इस वार्ड का दौरा किया, तो यहां तैनात कुल 50 सफाई कर्मियों में से 5 कर्मी गायब मिले। हालिया बारिश के चलते गलियों में जमी काई और उग आई झाड़ियों को तत्काल प्रभाव से साफ कराया गया। इसके अलावा, दिन में जलती मिल रहीं स्ट्रीट लाइटों को तुरंत ठीक कराया गया और जमीन में धंसे सीवर ढक्कनों की मरम्मत के निर्देश दिए गए।
  • मध्यमेश्वर वार्ड: अपर नगर आयुक्त विनोद कुमार गुप्ता के नेतृत्व में हुई जांच में 46 में से 5 कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। मेडविन अस्पताल के सामने मुख्य नाली में भारी सिल्ट जमी मिली, जबकि मैदागिन चौराहे के पास नाली टूटी हुई हालत में थी। कबीरचौरा अस्पताल और जलकल कार्यालय के समीप पानी की निकासी को बेहतर बनाने के लिए नई गलीपिट बनाने के सख्त निर्देश दिए गए।
  • हुकुलगंज वार्ड: अपर नगर आयुक्त अमित कुमार के निरीक्षण में 3 सफाई कर्मी ड्यूटी से गायब मिले। हालांकि मुख्य मार्ग साफ थे, लेकिन भीतरी गलियों की सफाई और घर-घर जाकर कूड़ा उठाने (डोर-टू-डोर कलेक्शन) की व्यवस्था बेहद असंतोषजनक पाई गई। इस पर लापरवाही मानते हुए सुपरवाइजर राजेश कुमार और कवि कुमार को चेतावनी दी गई।
  • सरायनंदन वार्ड: संयुक्त नगर आयुक्त कृष्ण चंद्र की जांच में भी 3 कर्मचारी गैरहाजिर पाए गए। यहां खाली पड़े प्लॉटों में कचरे का अंबार लगा मिला, जिसे तुरंत हटवाया गया। निचले इलाकों (लो-लैंड क्षेत्रों) में भरे पानी को बाहर निकालने के लिए पंप लगाए गए और संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने के आदेश दिए गए।

नागरिक सुविधाओं पर विशेष जोर

प्रशासन का साफ कहना है कि वाराणसी में आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण लगातार जारी रहेंगे। अधिकारियों का उद्देश्य केवल जुर्माना लगाना या वेतन काटना नहीं है, बल्कि शहर के हर नागरिक को एक स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करना है। नगर निगम के इस सख्त कदम से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सफाई व्यवस्था और अधिक ट्रैक पर आएगी तथा लापरवाह कर्मियों में सुधार देखने को मिलेगा।

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नसीम अहमद

नसीम अहमद

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नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

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