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वाराणसी जलभराव कांड: योगी सरकार का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर इंजीनियर सस्पेंड

वाराणसी जलभराव कांड: योगी सरकार का बड़ा एक्शन, लापरवाही पर इंजीनियर सस्पेंड

उत्तर प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। आम जनता की बुनियादी सुविधाओं और शिकायतों के प्रति किसी भी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त न करने की नीति के तहत, सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड में तैनात अधिशासी अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसके जरिए सरकार ने साफ़ संदेश दे दिया है कि प्रशासनिक लापरवाही पर अब सीधे गाज गिरेगी।

क्या है पूरा मामला और क्यों बरपा प्रशासनिक महकमे में हड़कंप?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय) के निर्माण खंड (वि./यां.) में तैनात अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता को जनसमस्याओं के प्रति गंभीर लापरवाही बरतने का दोषी पाया गया है। मामला इसी महीने यानी सितंबर 2026 के शुरुआती दिनों का है, जब वाराणसी में बारिश के दौरान जलभराव की विकट स्थिति उत्पन्न हो गई थी।

जांच में यह बात सामने आई कि गत 3 और 4 सितंबर को चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन तथा गोईठहां एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) पर स्थित पम्पों को बंद रखा गया था। भारी बारिश के दौर में जब शहर को जल निकासी के लिए इन बड़े पम्पों की सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब इन्हें बंद रखना सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता और जनहित के साथ खिलवाड़ माना गया। पम्प समय से संचालित न होने के कारण सीवर लाइनों पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि वाराणसी के कई निचले और घनी आबादी वाले इलाके जलमग्न हो गए।

प्रथम दृष्टया जांच में उजागर हुई बड़ी खामियां

शासन स्तर पर जब इस पूरे प्रकरण की शुरुआती जांच कराई गई, तो एक के बाद एक कई चौंकाने वाली परतें खुलीं। जांच में मुख्य रूप से निम्नलिखित लापरवाहियां सामने आईं:

  • बैकफ्लो रोकने में नाकामी: चौकाघाट सीवेज पम्पिंग स्टेशन पर नदी के बैकफ्लो को रोकने के लिए जो जरूरी गेट या बैरियर लगाए जाने थे, उनके संबंध में समय रहते कोई ठोस आकलन और कार्ययोजना ही तैयार नहीं की गई थी।
  • निर्देशों की अवहेलना: शासन और उच्चाधिकारियों की तरफ से लगातार मिल रहे दिशा-निर्देशों के बावजूद मैदानी स्तर पर कोई अपेक्षित और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
  • पम्पों का संचालन ठप करना: सबसे बड़ी और गंभीर चूक 3 और 4 सितंबर को पम्पों को बंद रखना रही, जिससे शहर के लोगों को भयंकर जलभराव और जलजनित समस्याओं का सामना करना पड़ा।

मंत्री के कड़े निरीक्षण के बाद एक्शन मोड में आई सरकार

इस पूरे घटनाक्रम के तूल पकड़ने के बाद, उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ने वाराणसी का दौरा किया था। मंत्री ने 12 और 13 सितंबर को शहर के विभिन्न जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का पैदल और स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जमीनी हकीकत को खुद परखा और जल निकासी की व्यवस्था में भारी खामियों को देखते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की थी।

निरीक्षण के दौरान ही उन्होंने अधिकारियों को दो टूक चेतावनी दी थी कि जल निकासी के कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा किया जाए और आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया था कि इस लापरवाही के लिए जो भी अधिकारी जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री के इस दौरे के ठीक बाद प्रशासनिक मशीनरी हरकत में आई और निलंबन की यह बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई।

अनुशासनिक जांच के आदेश और अटैचमेंट

राज्य सरकार ने आरोपी अधिशासी अभियंता पवन कुमार गुप्ता के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1999 के नियम-7 के तहत औपचारिक अनुशासनिक जांच बैठा दी है। इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्य अभियंता (क्रय), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), लखनऊ को पदेन जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।

निलंबन की अवधि के दौरान पवन कुमार गुप्ता का मुख्यालय मुख्य अभियंता (कानपुर क्षेत्र), उत्तर प्रदेश जल निगम (नगरीय), कानपुर का कार्यालय तय किया गया है। उन्हें इस अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

जनहित के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति

योगी सरकार के इस कदम से राज्यभर के इंजीनियरों और प्रशासनिक अधिकारियों में एक कड़ा संदेश गया है। बारिश के मौसम में जल निकासी जैसी बुनियादी सेवाओं का सुचारू रूप से चलना प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होती है। यदि ऐसे संवेदनशील समय में जिम्मेदार अधिकारी अपनी ड्यूटी से मुंह मोड़ते हैं या लापरवाही बरतते हैं, तो सरकार अब किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं दिख रही है। आने वाले दिनों में ऐसी लापरवाहियों पर और भी कड़े प्रशासनिक चाबुक चलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

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रोली सिंह

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रोली सिंह पिछले 2 सालों से पत्रकारिता और न्यूज़ रिपोर्टिंग से जुड़ी हैं। वह लोकल न्यूज़ और लोगों से जुड़े मुद्दों को पढ़ने वालों तक पहुंचाने का काम...

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