काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान वाले शहर वाराणसी में इस समय प्रकृति का एक अलग ही और डरावना रूप देखने को मिल रहा है। मां गंगा की सहायक और शहर की महत्वपूर्ण जलधारा मानी जाने वाली वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर हो गई है। हालात इतने बेकाबू हो चुके हैं कि सलारपुर क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में नदी का पानी सीधे घरों और गलियों के भीतर तक पहुंच गया है। पानी के इस अचानक और आक्रामक फैलाव ने लोगों को सिहरने पर मजबूर कर दिया है, और सैकड़ों परिवारों को अपनी पुरानी बस्तियां छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में मजबूरन पलायन करना पड़ा है।
सलारपुर में पसरा सन्नाटा, घरों पर लगे ताले
सलारपुर की तंग गलियों और चौराहों पर कभी जिस चहल-पहल और रौनक का माहौल हुआ करता था, वहां इन दिनों सिर्फ पानी का कब्जा और लोगों की आंखों में भविष्य की चिंताएं साफ देखी जा सकती हैं। पानी के बढ़ते स्तर के कारण कई परिवारों ने अपने घरों पर ताला जड़ दिया है और जरूरी सामान को समेटकर सुरक्षित स्थानों की तरफ रुख किया है। कई लोगों ने अपने रिश्तेदारों के यहां शरण ली है, तो कुछ जिला प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में पहुंचने को मजबूर हुए हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जलस्तर में जिस रफ्तार से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, उसने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। रात के वक्त पानी घरों के अंदर घुसने से लोगों की नींद उड़ चुकी है। लोग अपनी गृहस्थी का सामान बचाने के लिए जद्दोजहद करते नजर आ रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को इस पानी के बीच से सुरक्षित निकालना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है।
अवागमन ठप और जीवन असहज
वरुणा का पानी केवल घरों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने पूरे इलाके के सड़क मार्ग और संपर्क मार्गों को अपनी चपेट में ले लिया है। कई रास्तों पर पानी भर जाने के कारण आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। रोजमर्रा की जरूरतें जैसे दूध, सब्जी और दवाइयां जैसी बुनियादी चीजों के लिए भी लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
- संपर्क मार्ग डूबे: मुख्य मार्ग और गलियां पानी में समा चुकी हैं, जिससे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है।
- दैनिक जीवन प्रभावित: दुकानें और बाजार पानी की चपेट में आने से कारोबार ठप पड़ गया है।
- स्वास्थ्य का खतरा: गलियों में लंबे समय तक पानी भरा रहने से जलजनित बीमारियों और संक्रमण का खतरा तेजी से मंडराने लगा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभाली कमान, किया मौके का दौरा
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मुस्तैद हो चुका है। इसी बीच, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद वाराणसी के सलारपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। मुख्यमंत्री ने जमीनी हकीकत का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी तरह की कोताही न बरतने के कड़े निर्देश दिए।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों का निरीक्षण किया और वहां रह रहे विस्थापित परिवारों से सीधे संवाद किया। उन्होंने प्रभावित लोगों को ढांढस बंधाते हुए प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया और मौके पर ही राहत सामग्री का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर एक नागरिक की सुरक्षा और उन्हें समय पर सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना है।
प्रशासनिक चौकसी और आगे की चुनौतियां
स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ की टीमें लगातार प्रभावित इलाकों में गश्त कर रही हैं ताकि फंसे हुए लोगों को समय रहते बाहर निकाला जा सके। पेयजल की आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए टैंकरों की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि बाढ़ के बाद फैलने वाली बीमारियों से तुरंत निपटा जा सके।
मौसम के तेवर और वरुणा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए आने वाले कुछ दिन वाराणसी के इन निचले इलाकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। हालांकि, सरकार और प्रशासन के मुस्तैद रुख ने प्रभावित लोगों को एक बड़ी राहत जरूर दी है, लेकिन कुदरत के इस प्रकोप के आगे फिलहाल हर कोई सहमा हुआ नजर आ रहा है।