अमेरिका में मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनावी दौरों और रैलियों को लेकर नाटकीय घटनाक्रम सामने आया है, जहां कड़े मुकाबले वाले राज्यों में पहले रैलियां रद्द करने की घोषणा की गई और फिर 24 घंटे के भीतर फैसले में बदलाव देखा गया।
वाशिंगटन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनावों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप अपनी रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए लगातार प्रचार अभियानों में जुटे हैं। हालांकि, हालिया जनमत सर्वेक्षणों में आयोवा और कंसास जैसे पारंपरिक रूप से मजबूत माने जाने वाले राज्यों में कड़े मुकाबले के संकेत मिलने के बाद शुरुआती तौर पर इस सप्ताहांत होने वाली चुनावी रैलियों को रद्द किए जाने की बात सामने आई थी।
रिपब्लिकन पार्टी और सर्वे के संकेत
गुरुवार को रिपब्लिकन पार्टी की ओर से रैलियां रद्द किए जाने की जानकारी दी गई थी। हालिया सर्वे इस बात का संकेत दे रहे थे कि संसद में रिपब्लिकन पार्टी के बहुमत पर खतरा मंडरा रहा है। ईरान युद्ध को लेकर उपजे हालातों और देश में बढ़ती महंगाई के कारण मतदाताओं के बीच असंतोष देखा जा रहा है। इस नाराजगी के चलते कई रिपब्लिकन बहुल राज्यों में पार्टी के उम्मीदवारों की बढ़त में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता रेटिंग भी निचले स्तर के करीब बनी हुई है।
पार्टी का आधिकारिक रुख और प्रचार अभियान
इन तमाम राजनीतिक सरगर्मी के बीच रिपब्लिकन नेशनल कमेटी (RNC) ने एक बयान जारी कर यह स्पष्ट किया था कि शनिवार को कंसास और रविवार को आयोवा में निर्धारित ट्रंप की रैलियां इसलिए रद्द की गई हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में रिपब्लिकन उम्मीदवार पहले से ही मजबूत स्थिति में हैं और समर्थन बढ़ाने के लिए राष्ट्रपति के व्यक्तिगत दौरे की आवश्यकता नहीं है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया जब ट्रंप पिछले कई हफ्तों से देश के रूढ़िवादी राज्यों में लगातार घंटों रैलियों को संबोधित कर रहे थे। हालांकि, बाद में इस पूरे कार्यक्रम में यू-टर्न लेते हुए अगले 24 घंटों के भीतर निर्णय में बदलाव किया गया।
पोप लियो का ऐतिहासिक मतदान
इस बीच, समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार अमेरिका के इन मध्यावधि चुनावों में एक ऐतिहासिक घटना भी जुड़ी है। पोप पद पर रहते हुए पोप लियो ने मेल-इन बैलेट के माध्यम से अपना मतदान किया है। आधिकारिक बयान के अनुसार, अमेरिकी नागरिक के तौर पर अपने मताधिकार का प्रयोग करने वाले वह अमेरिकी इतिहास के पहले पोप बन गए हैं।