Breaking
► अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस सचिव केटी जकारिया 5 दिन में पद से हटीं ► अंकिता भंडारी के माता-पिता ने की सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात, वीआईपी की संलिप्तता की जांच की मांग ► पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में मुकेश कुमार शर्मा ने चलाया जनसंपर्क अभियान ► कल्याण में दो नाबालिग बच्चियों के साथ यौन अपराध, पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा ► बिहार में दुर्गा पूजा सप्तमी पर खिलेगी धूप, उमस भरी गर्मी से रहना होगा सतर्क ► सिवनी के लखनादौन सिविल अस्पताल में लापरवाही, सुरक्षा गार्ड करता दिखा मरीजों का चेकअप ► बाहुबली विधायक अनंत सिंह की बगावत, जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा ► आयकर विभाग को नहीं मिल रहा 5,121 करोड़ रुपये के लेनदेन का हिसाब ► नवादा: रेलवे कॉलोनी में मां दुर्गा का पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु, बंगाली रीति-रिवाजों से हो रही पूजा ► हरदोई में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मियों ने बांधी काली पट्टी ► अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की प्रेस सचिव केटी जकारिया 5 दिन में पद से हटीं ► अंकिता भंडारी के माता-पिता ने की सीबीआई अधिकारियों से मुलाकात, वीआईपी की संलिप्तता की जांच की मांग ► पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में मुकेश कुमार शर्मा ने चलाया जनसंपर्क अभियान ► कल्याण में दो नाबालिग बच्चियों के साथ यौन अपराध, पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोचा ► बिहार में दुर्गा पूजा सप्तमी पर खिलेगी धूप, उमस भरी गर्मी से रहना होगा सतर्क ► सिवनी के लखनादौन सिविल अस्पताल में लापरवाही, सुरक्षा गार्ड करता दिखा मरीजों का चेकअप ► बाहुबली विधायक अनंत सिंह की बगावत, जेडीयू उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा ► आयकर विभाग को नहीं मिल रहा 5,121 करोड़ रुपये के लेनदेन का हिसाब ► नवादा: रेलवे कॉलोनी में मां दुर्गा का पट खुलते ही उमड़े श्रद्धालु, बंगाली रीति-रिवाजों से हो रही पूजा ► हरदोई में आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन, कर्मियों ने बांधी काली पट्टी

अमेरिका को खुश करने के चक्कर में क्या खो बैठा कनाडा? ईरान के तीखे तंज ने मचाई सनसनी

अमेरिका को खुश करने के चक्कर में क्या खो बैठा कनाडा? ईरान के तीखे तंज ने मचाई सनसनी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बयानों के तीर अक्सर बड़े-बड़े भूचाल ले आते हैं। मौजूदा समय में पश्चिम एशिया के हालात जिस मोड़ पर हैं, वहां हर एक बयान और तीखी प्रतिक्रिया पर दुनिया भर की पैनी नजरें टिकी हुई हैं। इसी बीच, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच एक नया और बेहद दिलचस्प कूटनीतिक ड्रामा सामने आया है। ईरान ने सीधे तौर पर कनाडा को अपने निशाने पर लिया है और उसकी स्वतंत्र विदेश नीति पर ऐसा कटाक्ष किया है, जो सोशल मीडिया से लेकर वैश्विक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गया है।

ईरान का कनाडा पर करारा तंज: क्या अमेरिका की कठपुतली है ओटावा?

ईरान के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता इस्माइल बघई (Esmail Baghaei) ने हाल ही में एक बयान जारी कर कनाडा की सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कनाडा को अमेरिका की ‘फार्म टीम’ (Farm Team - खेल की दुनिया में वह टीम जिससे मुख्य टीम के लिए खिलाड़ी तैयार किए जाते हैं) करार दिया।

इस्माइल बघई ने तंज कसते हुए दुनिया के सामने एक सवाल खड़ा किया कि आखिर वाशिंगटन (अमेरिका) को खुश करने के लिए ईरान के खिलाफ इस तरह के कदम उठाने का कनाडा को क्या इनाम मिलेगा? ईरान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंध पहले से ही बेहद निचले स्तर पर हैं।

क्यों भड़का है तेहरान? क्या है पूरा विवाद?

वैश्विक मामलों के जानकारों का मानना है कि कनाडा और ईरान के बीच लंबे समय से खटास चली आ रही है। कनाडा अक्सर मानवाधिकारों और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ईरान की नीतियों की तीखी आलोचना करता रहा है। इसके अलावा, कनाडा ने कई मौकों पर ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन किया है और उनमें बढ़-चढ़कर हिस्सा भी लिया है।

ईरान का यह ताजा बयान इसी पृष्ठभूमि में आया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का साफ तौर पर यह मानना है कि कनाडा अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलने के बजाय वाशिंगटन के इशारों पर नाच रहा है। तेहरान का यह भी कहना है कि कनाडा अनावश्यक रूप से ऐसे मामलों में टांग अड़ा रहा है, जिनका उसके अपने राष्ट्रीय हितों से कोई सीधा ताल्लुक नहीं है, और यह सब केवल अमेरिका की गुड बुक्स में बने रहने के लिए किया जा रहा है।

'फार्म टीम' वाले बयान के गहरे कूटनीतिक मायने

  • स्वतंत्रता पर सवाल: ईरान ने इस बयान के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि कनाडा के पास अपनी खुद की कोई स्वतंत्र विदेश नीति नहीं बची है।
  • क्षेत्रीय राजनीति में दखल: पश्चिम एशिया के मामलों में कनाडा की अनावश्यक कूद पर ईरान ने गहरी आपत्ति जताई है।
  • अमेरिका-कनाडा गठबंधन पर निशाना: इस बयान से यह भी साफ होता है कि ईरान पश्चिमी देशों के उस गुट को किस नजर से देखता है जो अमेरिका के नेतृत्व में उसके खिलाफ खड़े हैं।

क्या कहती है अंतरराष्ट्रीय राजनीति?

कूटनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान मौजूदा वैश्विक हालात में शब्दों के युद्ध का हिस्सा हैं। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का दायरा केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह वैचारिक और कूटनीतिक मंचों पर भी पूरी शिद्दत से लड़ा जा रहा है। कनाडा जैसे देशों पर इस तरह के तंज कसकर ईरान यह जताना चाहता है कि वह पश्चिमी देशों के दबाव में झुकने वाला नहीं है, चाहे वे देश अकेले हों या अमेरिका के नेतृत्व वाले किसी बड़े गठबंधन का हिस्सा हों।

फिलहाल, कनाडा की ओर से ईरान के इस तीखे तंज पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस बयान ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में शब्दों के बाण कभी-कभी बंदूकों से ज्यादा असरदार साबित होते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: ईरान के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कनाडा को क्या कहा है?

Ans: ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कनाडा को अमेरिका की 'फार्म टीम' कहा है और सवाल उठाया है कि अमेरिका को खुश करने के लिए उन्हें क्या इनाम मिलेगा।

Q2: कनाडा और ईरान के रिश्तों में तनाव की मुख्य वजह क्या है?

Ans: मानवाधिकार के मुद्दों पर कनाडा द्वारा ईरान की आलोचना करना और अमेरिकी प्रतिबंधों का समर्थन करना दोनों देशों के बीच तनाव की मुख्य वजहें हैं।

Q3: 'फार्म टीम' शब्द का कूटनीति में क्या अर्थ है?

Ans: यहां 'फार्म टीम' का मतलब उस टीम या देश से है जो किसी बड़ी ताकत (जैसे अमेरिका) के अधीन रहकर उसके लिए काम करती है या उसका समर्थन हासिल करने की कोशिश करती है।

About the Author

काव्या त्रिपाठी

काव्या त्रिपाठी

Senior Editor

काव्या त्रिपाठी बिजनेस और टेक्नोलॉजी की जटिल दुनिया को सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करने के लिए जानी जाती हैं। वे आर्थिक बदलाव, स्टार्टअप इकोसिस्...

Read More

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →