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ड्रिंक-ड्राइविंग केस में फंसे डेविड वॉर्नर, कोर्ट ने लगाया जुर्माना; कार में लगानी होगी यह खास डिवाइस

ड्रिंक-ड्राइविंग केस में फंसे डेविड वॉर्नर, कोर्ट ने लगाया जुर्माना; कार में लगानी होगी यह खास डिवाइस

क्रिकेट के मैदान पर अपने तूफानी अंदाज और रनों की बारिश के लिए दुनियाभर में मशहूर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर एक बार फिर गंभीर चर्चा में हैं। इस बार वजह कोई शानदार शतकीय पारी नहीं, बल्कि कानून के शिकंजे में फंसना है। सिडनी की एक अदालत ने वॉर्नर को 'ड्रिंक-ड्राइविंग' (शराब पीकर गाड़ी चलाना) के एक मामले में दोषी करार दिया है। कोर्ट ने न सिर्फ उन पर आर्थिक जुर्माना लगाया है, बल्कि उनकी गाड़ी को लेकर एक कड़ा निर्देश भी जारी किया है, जिसके बाद से क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है।

क्या है पूरा मामला और कब की है घटना?

यह पूरा वाकया इसी साल 5 अप्रैल यानी ईस्टर संडे के आसपास का है। रिपोर्ट के मुताबिक, डेविड वॉर्नर अपनी कार में एक अन्य यात्री के साथ सफर कर रहे थे। जब वे सिडनी में पुलिस द्वारा लगाए गए रैंडम ब्रेथ-टेस्टिंग साइट के करीब पहुंचे, तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस से बचने या जांच से पहले अपनी सीट यात्री के साथ बदलने की कोशिश की। हालांकि, उनकी यह कोशिश कामयाब नहीं रही और पुलिस ने उनकी गाड़ी रोक ली।

पुलिस ने जब उनका ब्रेथ टेस्ट किया, तो होश उड़ाने वाले आंकड़े सामने आए। वॉर्नर के शरीर में अल्कोहल (शराब) की मात्रा कानूनी सीमा से दोगुने से भी अधिक पाई गई। इस गंभीर उल्लंघन के बाद उन पर 'मिड-रेंज' ड्रिंक-ड्राइविंग का औपचारिक आरोप तय किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए 39 वर्षीय वॉर्नर ने पिछले महीने ही सिडनी की स्थानीय अदालत में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। अब अदालत ने इस मामले में अंतिम सजा का ऐलान करते हुए उन पर बड़ा फैसला सुनाया है।

अदालत का फैसला: जुर्माना और इंटरलॉक डिवाइस

वेवरली लोकल कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए डेविड वॉर्नर को निम्नलिखित सजा सुनाई है:

  • आर्थिक दंड: कोर्ट ने वॉर्नर पर 1,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है।
  • इंटरलॉक डिवाइस की अनिवार्यता: ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के चलते अब वॉर्नर को अपनी गाड़ी में एक खास 'इंटरलॉक डिवाइस' (Interlock Device) लगवाना होगा।

कैसे काम करेगा यह इंटरलॉक डिवाइस?

यह तकनीक वॉर्नर के लिए किसी बड़े सिरदर्द से कम नहीं होगी। नए नियमों के तहत, वॉर्नर अब 'इंटरलॉक लाइसेंस' के लिए आवेदन करेंगे। इसके बाद उनकी कार में यह डिवाइस फिट किया जाएगा। इस डिवाइस का काम बेहद कड़ा है—जब भी वॉर्नर को अपनी कार स्टार्ट करनी होगी, उससे पहले उन्हें इस मशीन में सांस फूंककर अपनी ब्रीथ टेस्ट देनी होगी। यदि डिवाइस ने थोड़ा भी अल्कोहल डिटेक्ट किया, तो कार का इंजन किसी भी कीमत पर स्टार्ट नहीं होगा। यानी अब उनकी ड्राइविंग पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करेगी कि उनके शरीर में शराब की मात्रा शून्य है या नहीं।

वकील की दलील: 'मीडिया कवरेज ही सबसे बड़ी सजा'

सुनवाई के दौरान डेविड वॉर्नर के वकील अवैस अहमद ने अदालत में अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए एक दिलचस्प तर्क दिया। उन्होंने दलील दी कि वॉर्नर को इस मामले में कोई अतिरिक्त या बहुत कड़ी सजा देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि जो सार्वजनिक बदनामी और मीडिया ट्रायल उन्हें झेलना पड़ा है, वह अपने आप में एक बहुत बड़ी सजा है।

अवैस अहमद ने कोर्ट को बताया कि इस खबर को ईएसपीएन (ESPN) और अल जजीरा (Al Jazeera) जैसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया घरानों ने प्रमुखता से कवर किया। उन्होंने भारत और बांग्लादेश जैसे देशों का विशेष रूप से उल्लेख किया, जहां डेविड वॉर्नर अक्सर टी20 फ्रेंचाइजी लीग खेलने जाते हैं। वकील ने कहा कि इन देशों में खेल और व्यक्तिगत आचरण को लेकर एक अलग सांस्कृतिक अनुशासन होता है, और इस वैश्विक नकारात्मक पब्लिसिटी के कारण वॉर्नर के व्यावसायिक विज्ञापनों और भविष्य के अनुबंधों पर गहरा असर पड़ रहा है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठाए गए सवाल

बचाव पक्ष के वकील ने न्यू साउथ वेल्स (NSW) पुलिस के रवैये पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि पुलिस ने इस मामले की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए जिस तरह से प्रेस विज्ञप्ति (Press Release) जारी की, उसकी कोई खास जरूरत नहीं थी। वकील के मुताबिक, इस आधिकारिक प्रेस रिलीज के कारण ही इस स्थानीय ट्रैफिक उल्लंघन को वैश्विक स्तर पर एक बड़ी सनसनी बना दिया गया, जिससे उनके मुवक्किल की छवि को भारी ठेस पहुंची।

करियर और आगामी लीग्स पर मंडराए बादल

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब वॉर्नर अपने करियर के अंतिम पड़ाव पर हैं और विभिन्न ग्लोबल टी20 लीग्स में अपनी सक्रियता बनाए हुए हैं। गौरतलब है कि जिस समय यह घटना घटी, तब वॉर्नर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में कराची किंग्स की कप्तानी संभाल रहे थे और पाकिस्तान से ईस्टर की छुट्टियां मनाकर ही लौटे थे। हालांकि, मामला सामने आने के बाद भी वह अपना पीएसएल अभियान पूरा करने के लिए वापस पाकिस्तान गए थे।

लेकिन अब इस कानूनी कार्रवाई के बाद, आगामी बिग बैश लीग (BBL) सीजन में सिडनी थंडर की कप्तानी या टीम में उनकी भूमिका पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। फ्रेंचाइजी और क्रिकेट बोर्ड्स ऐसे विवादित मामलों में खिलाड़ियों को लेकर काफी सतर्क रहते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: डेविड वॉर्नर को किस मामले में दोषी पाया गया है?

Ans: डेविड वॉर्नर को सिडनी में 'मिड-रेंज' ड्रिंक-ड्राइविंग (शराब पीकर गाड़ी चलाने) के मामले में दोषी पाया गया है, जहां ब्रेथ टेस्ट में उनके शरीर में कानूनी सीमा से दोगुनी शराब पाई गई थी।

Q2: कोर्ट ने डेविड वॉर्नर पर क्या सजा सुनाई है?

Ans: अदालत ने वॉर्नर पर 1,500 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का जुर्माना लगाया है और उनकी गाड़ी में 'इंटरलॉक डिवाइस' लगवाने का आदेश दिया है, जिसके बिना वे गाड़ी स्टार्ट नहीं कर सकेंगे।

Q3: कार में लगने वाला इंटरलॉक डिवाइस कैसे काम करता है?

Ans: इस डिवाइस के तहत गाड़ी स्टार्ट करने से पहले ड्राइवर को सांस की जांच (Breath Test) देनी होती है। यदि सांस में अल्कोहल की मौजूदगी पाई जाती है, तो कार का इंजन लॉक रहेगा और स्टार्ट नहीं होगी।

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अल्का सिंह

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Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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