स्पेसएक्स के सैटेलाइट इंटरनेट नेटवर्क स्टारलिंक के सैन्य इस्तेमाल को लेकर एलन मस्क और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क ने यूक्रेन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि यूक्रेनी सेना ने नागरिक सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल ड्रोन हमलों के लिए किया है, जो सेवा की शर्तों का सीधा उल्लंघन है। मस्क के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी और सामरिक चर्चा तेज हो गई है।
यूक्रेन ने मस्क के दावों को किया खारिज
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के रक्षा प्रौद्योगिकी सलाहकार सेरही बेस्क्रस्तनोव ने एलन मस्क के इन सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन में नागरिक संचार प्रणालियों पर कड़े प्रतिबंध पहले से ही लागू हैं। इन तकनीकी सीमाओं के चलते किसी भी आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए स्टारलिंक का इस्तेमाल करना पूरी तरह असंभव था।
तकनीकी सीमाएं और रूस के भीतर कवरेज का अभाव
सलामी सलाहकार बेस्क्रस्तनोव के अनुसार, नागरिक स्टारलिंक नेटवर्क के माध्यम से संचालित होने वाले ड्रोनों पर 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा तय की गई थी। इसके अलावा, यह सैटेलाइट सेवा रूस के भौगोलिक क्षेत्र के भीतर काम नहीं करती है। इन तकनीकी बाधाओं के कारण इस प्रणाली का उपयोग मध्यम या लंबी दूरी के सामरिक हमलों में किया जाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।
स्पेसएक्स का पक्ष और सेवाओं को सीमित करने की बात
शनिवार को एलन मस्क ने खुद इस बात को स्वीकार किया कि स्पेसएक्स ने सुरक्षा और नीतिगत कारणों के चलते यूक्रेन में स्टारलिंक की सेवाओं को सीमित कर दिया था। मस्क ने सोशल मीडिया पर अपने बयान में कहा कि नागरिकों के लिए बनाई गई कमर्शियल सेवा स्टारलिंक का उद्देश्य कभी भी आक्रामक ड्रोन हमलों या हिंसक गतिविधियों के लिए नहीं था और न ही भविष्य में इसकी अनुमति दी जानी चाहिए। उनके मुताबिक, यूक्रेनी सेना ने सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए इसका प्रयोग किया है।