Breaking
► संभाजीनगर के VIP रोड पर मनपा की कार्रवाई का असर, खुद हटने लगे अतिक्रमण ► बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड की अनूठी पहल: अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन करेंगे रामगढ़ के वृद्धाश्रम के बुजुर्ग ► अहान पांडे और शर्वरी की फिल्म 'बेपरवाह' का ऐलान, इस दिन होगी रिलीज ► फरीदाबाद में ग्रैप-1 के नियमों की अनदेखी, 25 निर्माण साइटों को थमाए गए नोटिस ► भाजपा सह प्रभारी अरविंद मेनन चंपावत पहुंचे, आगामी चुनावों की तैयारियों पर मंथन ► अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन पर पप्पू यादव का तंज, कहा- बीजेपी की 'यूज एंड थ्रो' नीति ► सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के लिए त्र्यंबकेश्वर पहुंचे महंत सत गिरि ► गोरखपुर की ऐतिहासिक आमी नदी प्रदूषण से जूझ रही, कभी आचमन योग्य पानी आज गटर जैसा बदहाल ► छठ पर शुरू होगी 'नमो यमुना क्रूज सफारी', मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया सोनिया विहार-जगतपुर रूट का निरीक्षण ► हल्द्वानी बाईपास निरीक्षण के दौरान फिसले सीएम पुष्कर सिंह धामी, तुरंत हुए खड़े ► संभाजीनगर के VIP रोड पर मनपा की कार्रवाई का असर, खुद हटने लगे अतिक्रमण ► बिहार फाउंड्री एंड कास्टिंग्स लिमिटेड की अनूठी पहल: अयोध्या में श्रीरामलला के दर्शन करेंगे रामगढ़ के वृद्धाश्रम के बुजुर्ग ► अहान पांडे और शर्वरी की फिल्म 'बेपरवाह' का ऐलान, इस दिन होगी रिलीज ► फरीदाबाद में ग्रैप-1 के नियमों की अनदेखी, 25 निर्माण साइटों को थमाए गए नोटिस ► भाजपा सह प्रभारी अरविंद मेनन चंपावत पहुंचे, आगामी चुनावों की तैयारियों पर मंथन ► अनंत सिंह के जेडीयू से निष्कासन पर पप्पू यादव का तंज, कहा- बीजेपी की 'यूज एंड थ्रो' नीति ► सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों के लिए त्र्यंबकेश्वर पहुंचे महंत सत गिरि ► गोरखपुर की ऐतिहासिक आमी नदी प्रदूषण से जूझ रही, कभी आचमन योग्य पानी आज गटर जैसा बदहाल ► छठ पर शुरू होगी 'नमो यमुना क्रूज सफारी', मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने किया सोनिया विहार-जगतपुर रूट का निरीक्षण ► हल्द्वानी बाईपास निरीक्षण के दौरान फिसले सीएम पुष्कर सिंह धामी, तुरंत हुए खड़े

मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, खाड़ी में तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात

मिडटर्म चुनाव के बाद ईरान पर बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका, खाड़ी में तीसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप तैनात

फारस की खाड़ी में बढ़ाई गई सैन्य ताकत, अमेरिकी रक्षा मंत्री ने किया इजरायल का दौरा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के बाद पश्चिम एशिया में अमेरिकी सेना ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू कर सकती है। यदि संघर्ष फिर से भड़कता है, तो अमेरिकी कमांडरों के पास पर्याप्त सामरिक विकल्प मौजूद रहें, इसके लिए ट्रंप प्रशासन ने फारस की खाड़ी में तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप और लगभग 10,000 अतिरिक्त नौसैनिक तथा मरीन जवानों को तैनात कर दिया है। खाड़ी देशों के अधिकारियों को आशंका है कि संघर्ष विराम टूटने के बाद क्षेत्र के हालात पहले की तुलना में अधिक गंभीर हो सकते हैं।

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का इजरायल दौरा और कूटनीतिक हलचल

बीते सप्ताह अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बिना किसी पूर्व सूचना के इजरायल का अचानक दौरा किया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए अहम आम चुनावों से ठीक पहले हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मामलों पर विस्तृत चर्चा हुई। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के साथ मिलकर इजरायल ने ही ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों की शुरुआत की थी। इस बीच, ईरानी हमलों के खतरे को देखते हुए मध्य पूर्व में स्थित कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर कर्मियों की संख्या में कटौती की गई है।

सऊदी अरब में हूती विद्रोहियों के हमले और राजनयिकों की वापसी

उधर, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब में लगातार किए जा रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने रियाद स्थित अपने राजनयिकों और उनके परिवारों को सुरक्षित बाहर निकलने का आदेश दिया है। हूतियों द्वारा रियाद हवाई अड्डे और प्रमुख ऊर्जा ठिकानों पर किए गए हमलों में दर्जनों लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। समुद्री सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ईरान अब होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ड्रोन के स्थान पर उन्नत गाइडेड मिसाइलों से व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहा है, जिससे व्यावसायिक नौवहन को भारी नुकसान पहुंच रहा है।

युद्ध छिड़ने पर भी हमारा रुख नहीं बदलेगा: ईरान

दूसरी ओर, ईरान भी चुनाव के आसपास संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से निपटने और पूरे पश्चिम एशिया में जवाबी कार्रवाई की पुख्ता तैयारी कर रहा है। भू-राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी चुनाव और जनवरी में नई कांग्रेस के शपथ ग्रहण के बीच का संक्रमण काल सबसे अधिक तनावपूर्ण साबित हो सकता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में एक बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिका और इजरायल के साथ दोबारा युद्ध शुरू होने की स्थिति में भी उनके देश की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आएगा।

अब्बास अराघची ने कहा कि हाल ही में नए युद्ध की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वह युद्ध के बाद के दौर की परिस्थितियों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने दोटूक कहा कि युद्ध हो या न हो, ईरानी नीतियां पूर्ववत समान रहेंगी। उनके अनुसार, विरोधी पक्ष पहले भी दो बार ऐसी कोशिशें कर चुका है और परिणाम देख चुका है, यदि वे दोबारा प्रयास करेंगे तो नतीजा भिन्न नहीं होगा। अराघची ने दोहराया कि मौजूदा संकट से निकलने का एकमात्र व्यावहारिक मार्ग ऐसा समझौता है जिसमें दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा कर सकें।

राजनीतिक फायदे का दांव या बड़ा जोखिम

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उन्होंने ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है और आवश्यकता पड़ने पर इस अभियान को और आगे बढ़ाया जा सकता है। विश्लेषकों का आकलन है कि दोबारा संघर्ष शुरू होने की स्थिति में प्रधानमंत्री नेतन्याहू को इजरायल में राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन में राजनीतिक लाभ मिल सकता है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप को घरेलू राजनीति में अपनी आक्रामक छवि और कड़ा नेतृत्व प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा।

हालांकि, इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के विशेषज्ञ अली वाएज ने चेतावनी दी है कि दोनों नेता ईरान के साथ संभावित युद्ध को अपनी राजनीतिक नैया पार लगाने के साधन के रूप में देख रहे हैं, लेकिन यह बेहद जोखिम भरा दांव उनकी राजनीतिक संभावनाओं को बचाने के बजाय उन्हें गहरे और अनिश्चित संकट में भी धकेल सकता है।

About the Author

ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →