अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तब तक बंद नहीं होगी जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि तेहरान के पास परमाणु हथियार हासिल करने की कोई क्षमता नहीं बची है। इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में तनाव और आपूर्ति को लेकर चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतों में नरमी दर्ज की गई है।
मिशिगन के पोर्ट हुरोन में एक रैली से पहले 'फॉक्स 2 Detroit' को दिए गए साक्षात्कार में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह ईरान के मामले में किसी त्वरित समझौते के बजाय दीर्घकालिक और पुख्ता समाधान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को परमाणु हथियार मिल गए तो इससे गंभीर ऊर्जा संकट और भारी तबाही मचेगी, जिसे रोकना उनकी प्राथमिकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए इजरायली मतदाताओं से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पक्ष में मतदान करने की अपील की और कहा कि दोनों देशों को मिलकर 'उस काम को पूरा करना होगा जो हमने शुरू किया था।'
सैनिक अभियानों और सैन्य क्षमता पर असर
ट्रंप ने अपने बयानों में पिछले सैन्य अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोक दिया था, जबकि 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के कारण तेहरान की नौसेना और वायु सेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है तथा उसकी अर्थव्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह भी स्पष्ट किया कि रविवार को अमेरिका की ओर से ईरान पर किसी नए सैन्य हमले की कोई योजना नहीं थी।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सप्ताह लगभग छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद इस सुबह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। जीएमटी समयानुसार सुबह 00:18 बजे तक अमेरिकी क्रूड फ्यूचर्स 1.60 डॉलर यानी 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.67 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.56 डॉलर यानी 1.34 प्रतिशत घटकर 115.16 डॉलर पर बंद हुआ। सऊदी अरब में हूती हमलों के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ने से शुक्रवार को कीमतें लगभग 3 डॉलर तक चढ़ गई थीं। साप्ताहिक आधार पर ब्रेंट में 6 प्रतिशत और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट में 2.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी। सऊदी नागरिक सुरक्षा प्राधिकरण ने रियाद के लिए अपना अलर्ट हटा लिया है और कहा है कि अब खतरा टल गया है, साथ ही किसी भी मिसाइल या ड्रोन हमले से जुड़ी सूचनाओं के फिल्मांकन, प्रकाशन या साझा करने पर रोक लगाई गई है।
क्षेत्रीय प्रतिक्रियाएं और इजरायली चुनाव सुरक्षा
यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और पवित्र स्थलों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों की बहरीन और यमन के विदेश मंत्रालयों ने कड़ी निंदा की है। बहरीन ने मक्का और मदीना की ओर मिसाइलें दागे जाने की घटनाओं को आतंकवादी कृत्य करार दिया है। वहीं, कतर के मध्यस्थ क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए अमेरिकी समन्वय के तहत तेहरान में मौजूद रहे।
दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने चेतावनी दी है कि ईरान और उसके प्रॉक्सी मंगलवार को होने वाले इजरायली चुनावों में बाधा डालने का प्रयास कर सकते हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक वीडियो में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सेना रक्षात्मक और आक्रामक दोनों तरह के अभियानों के लिए पूरी तरह तैयार है और यदि किसी ने चुनाव प्रभावित करने की कोशिश की तो उसे भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।