यरुशलम। इजरायल में आम चुनाव से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल एयाल जमीर के बीच संभावित सैन्य अभियानों को लेकर गंभीर मतभेद सामने आए हैं। यरुशलम से आ रही मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तनातनी ईरान के खिलाफ किसी संभावित नए सैन्य हमले की योजनाओं से जुड़ी हुई है। इस राजनीतिक और सैन्य खींचतान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नेतन्याहू के पक्ष में खुलकर बयानबाजी की है, जिससे इजरायल का चुनावी माहौल और अधिक गर्मा गया है।
सेना प्रमुख ने मांगी लिखित कानूनी मंजूरी
इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेना प्रमुख जनरल एयाल जमीर ने ईरान पर किसी भी प्रस्तावित सैन्य कार्रवाई को आगे बढ़ाने से पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ गहन चर्चा करने और इस अभियान के लिए लिखित कानूनी मंजूरी देने की मांग की है। सेना के भीतर के सूत्रों का मानना है कि इस संवेदनशील राजनीतिक समय पर कोई भी बड़ा सैन्य कदम ईरान के साथ क्षेत्रीय तनाव को अत्यधिक भड़का सकता है, जिससे किसी भी प्रकार के गलत फैसले का बड़ा जोखिम पैदा हो सकता है। इसके अलावा, कुछ अज्ञात राजनीतिक सूत्रों ने यह आशंका भी जताई है कि मौजूदा नेतृत्व आगामी चुनाव में राजनीतिक बढ़त हासिल करने के लिए ईरान के सुरक्षा मुद्दे का इस्तेमाल कर सकता है।
दूसरी ओर, 'टाइम्स ऑफ इजरायल' की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक साक्षात्कार के दौरान इन सभी मतभेदों और राजनीतिक आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें 'बकवास' बताया है। हालांकि, इससे पहले उन्होंने टेलीविजन पर दिए गए अपने एक आधिकारिक बयान में सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया था कि उन्होंने आईडीएफ और मोसाद को ईरानी शासन को गिराने की दिशा में काम करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने किया नेतन्याहू का समर्थन
इजरायल के इस आंतरिक राजनीतिक और सैन्य गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बेंजामिन नेतन्याहू के प्रति अपना खुला समर्थन जताया है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक संदेश साझा करते हुए इजरायली मतदाताओं से आगामी मंगलवार को होने वाले चुनावों में नेतन्याहू के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि इजरायल के लोगों के लिए वे उस समर्थन पत्र को फिर से साझा कर रहे हैं जो उन्होंने एक हफ्ते पहले प्रधानमंत्री नेतन्याहू को दिया था। उन्होंने लिखा कि उनके और नेतन्याहू के बीच एक बेहतरीन तालमेल रहा है, जिससे उन्होंने अतीत में मिलकर कई जीत हासिल की हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने मतदाताओं को याद दिलाया कि नेतन्याहू एक असाधारण 'योद्धा प्रधानमंत्री' रहे हैं। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि दुनिया भर में अब अमेरिका और इजरायल विरोधी नारे नहीं सुनाई देने चाहिए और इसके लिए नेतन्याहू का प्रधानमंत्री पद पर बने रहना आवश्यक है ताकि वे उस काम को पूरा कर सकें जिसे उन्होंने मिलकर शुरू किया था।
AI से तैयार परमाणु विस्फोट की तस्वीर से चेतावनी
चुनावी सरगर्मी के बीच प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने मतदान से ठीक दो दिन पहले सोशल मीडिया पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) द्वारा तैयार की गई एक सनसनीखेज तस्वीर साझा की। इस तस्वीर में तेल अवीव शहर में परमाणु विस्फोट होते हुए दिखाया गया है। दक्षिणपंथी कार्यकर्ता युवल ब्लमबर्ग के बयानों का हवाला देते हुए नेतन्याहू ने देश की जनता को चेतावनी दी कि यदि मतदाताओं ने चुनाव में किसी अन्य विकल्प को चुना, तो इजरायल के अस्तित्व पर गंभीर संकट आ सकता है और देश दूसरे होलोकॉस्ट के मुहाने पर पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रंप के वर्तमान कार्यकाल का बचा हुआ समय ही ईरान के परमाणु खतरे से निपटने के लिए सबसे मुफीद अवसर है।
सर्वेक्षणों में कांटे की टक्कर और राजनीतिक गतिरोध के आसार
इजरायल में इस बार का चुनाव बेहद दिलचस्प और संघर्षपूर्ण माना जा रहा है, जहां प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी गादी आइसेनकोट के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। 23 अक्टूबर को जारी किए गए चुनावों के अंतिम अनुमानों के अनुसार, मतदान के बाद भी देश में राजनीतिक गतिरोध बना रहने के पूरे आसार हैं। विश्लेषकों का मानना है कि मतदान के परिणाम आने के बाद न तो सत्ताधारी गठबंधन और न ही विपक्षी गुट को सरकार गठन के लिए स्पष्ट और पर्याप्त बहुमत मिलने की संभावना है। इसके साथ ही, चुनाव से ठीक पहले वेस्ट बैंक में भी सेना की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है, जहां सैकड़ों मकानों को ढहाए जाने और 40 फलस्तीनियों की गिरफ्तारी की खबर है।