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होर्मुज स्ट्रेट पर क्यों फिसलता जा रहा है ईरान का शिकंजा? ट्रंप के नए खुलासे से मचा हड़कंप

होर्मुज स्ट्रेट पर क्यों फिसलता जा रहा है ईरान का शिकंजा? ट्रंप के नए खुलासे से मचा हड़कंप

दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति की मुख्य जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर क्या ईरान का एकाधिकार अब हमेशा के लिए खत्म होने की कगार पर है? वर्तमान भू-राजनीतिक हालात कुछ ऐसा ही इशारा कर रहे हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार से मिल रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बेहद संवेदनशील जलमार्ग पर तेहरान की पकड़ लगातार ढीली पड़ रही है और जहाजों ने अब दूसरे सुरक्षित रास्तों का रुख करना शुरू कर दिया है।

हालिया डेटा बताते हैं कि इस रास्ते से गुजरने वाले लगभग 80% जहाजों ने ईरान के पारंपरिक रूट को छोड़कर संयुक्त राष्ट्र अधिकृत ओमान मार्ग का इस्तेमाल किया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी किए गए एक नए नक्के और दावों ने इस पूरे विवाद को और अधिक गरमा दिया है। आइए जानते हैं कि इस भू-राजनीतिक उथल-पुथल के पीछे की पूरी सच्चाई क्या है।

ट्रंप का नया नक्शा और नौसैनिक नाकाबंदी का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ' पर एक नया नक्शा जारी किया है। ट्रंप ने अपने पोस्ट में दावा किया है कि ईरान के साथ फिलहाल किसी भी तरह की बातचीत नहीं चल रही है और इस क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू है।

ट्रंप ने आगे यह भी स्पष्ट किया कि जलमार्ग में पहले से बिछाई गई सभी खतरनाक समुद्री माइंड्स (Barudi Surang) को या तो पूरी तरह से हटा दिया गया है या फिर उन्हें निष्क्रिय कर दिया गया है। अमेरिकी प्रशासन का यह दावा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम साबित हुआ है, जिससे इस रास्ते पर जहाजों की आवाजाही को लेकर बना डर कम हुआ है।

ओमान मार्ग बना जहाजों का नया सेफ जोन

वैश्विक समुद्री डेटा और 'सीएनएन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की धमकियों और हमलों के जोखिम के बावजूद मर्चेंट पोत (व्यापारिक जहाज) अमेरिकी सुरक्षा वादों पर भरोसा जताते हुए आगे बढ़ रहे हैं। शांति काल में दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा इसी तंग रास्ते से गुजरता रहा है।

मरीन ट्रैफिक के ताजा आंकड़ों के अनुसार:

  • पिछले दो हफ्तों में इस मार्ग से क्रमशः 95 और 118 जहाज सुरक्षित गुजरे हैं।
  • इनमें से करीब 80 प्रतिशत जहाजों ने ईरान के तटीय क्षेत्र के बजाय संयुक्त राष्ट्र अधिकृत ओमान मार्ग को प्राथमिकता दी।
  • केप्लर (Kpler) के कच्चे तेल विश्लेषकों का मानना है कि रूट में हुए इस बड़े बदलाव की वजह से ईरान अब इन जहाजों से मनचाहा टोल टैक्स या ट्रांजिट फीस वसूलने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है।

डार्क शिपिंग के जरिए जारी है खाड़ी देशों का तेल निर्यात

एक तरफ जहां पारंपरिक मार्ग पर तनाव चरम पर है, वहीं सऊदी अरब, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे प्रमुख खाड़ी देश अपनी अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए 'डार्क शिपिंग' (Dark Shipping) का सहारा ले रहे हैं।

'लिपो ऑयल एसोसिएट्स' के आंकड़ों के मुताबिक, ये देश अपने तेल निर्यात को बनाए रखने के लिए विशाल कच्चे तेल वाहक यानी वीएलसीसी (VLCC) जहाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये जहाज अपने ट्रांसपोंडर बंद रखकर फारस की खाड़ी से पूरी गोपनीयता और सुरक्षा के साथ बाहर निकलते हैं और ओमान की खाड़ी में पहुंचकर अन्य टैंकरों में तेल को ट्रांसफर (Ship-to-Ship Transfer) करते हैं।

"होर्मुज स्ट्रेट और वैकल्पिक मार्गों से तेल का कुल प्रवाह अब करीब 15 मिलियन बैरल प्रति दिन दर्ज हुआ है, जो युद्ध से पहले के 20 मिलियन बैरल प्रति दिन के आंकड़े के काफी करीब पहुंच रहा है।" — क्रिस राइट, अमेरिकी ऊर्जा सचिव

ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण कमजोर होने का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी देश इसी तरह इस रूट को सुरक्षित बनाए रखने में कामयाब रहते हैं, तो भविष्य में कच्चे तेल की सप्लाई चेन में किसी बड़े व्यवหาร की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी। हालांकि, ईरान की ओर से इस रणनीतिक बढ़त के जवाब में क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर पूरी दुनिया की पैनी नजर बनी हुई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

Ans: यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है।

Q2: ओमान मार्ग का इस्तेमाल क्यों बढ़ गया है?

Ans: ईरानी धमकियों और अमेरिकी सुरक्षा गारंटियों के बाद, शिपिंग कंपनियों ने जोखिम से बचने के लिए ईरान के पास से गुजरने वाले रूट की जगह संयुक्त राष्ट्र अधिकृत ओमान मार्ग को चुनना शुरू कर दिया है।

Q3: डार्क शिपिंग क्या होती है?

Ans: जब जहाज अपनी सुरक्षा या अन्य कारणों से अपने जीपीएस ट्रांसपोंडर (लोकेशन ट्रैकर) को बंद करके अपनी गतिविधियों को गुप्त रखते हुए नेविगेट करते हैं, तो इसे डार्क शिपिंग कहा जाता है। खाड़ी देश इसका उपयोग सुरक्षित तेल निर्यात के लिए कर रहे हैं।

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गुंजा पांडेय

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Chief Sub Editor

गुंजा पांडेय तेज़ी से बदलती खबरों की दुनिया में अपनी पकड़ के लिए जानी जाती हैं। वे खेल और विज्ञान जैसे विषयों को न सिर्फ अपडेटेड रखती हैं, बल्कि उन...

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