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ईरान ने टेके घुटने! बगदाद की सख्त मांग के आगे झुका, हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों को मिली बड़ी छूट

ईरान ने टेके घुटने! बगदाद की सख्त मांग के आगे झुका, हॉर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों को मिली बड़ी छूट

मध्य-पूर्व के भू-राजनीतिक समीकरणों में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। कूटनीतिक दबाव और आर्थिक मजबूरियों के बीच ईरान ने एक अहम कदम उठाते हुए इराकी तेल टैंकरों को सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इराक अपने तेल निर्यात को बनाए रखने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था और दुनिया के तमाम देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंतित थे।

बगदाद सरकार की ओर से लगातार इस बात पर जोर दिया जा रहा था कि उसके तेल निर्यात को बाधित न किया जाए। इराक की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से तेल की कमाई पर निर्भर है, ऐसे में हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे अहम मार्ग पर किसी भी तरह की रोक का सीधा असर देश की आर्थिक सेहत पर पड़ता है। ईरान का यह फैसला कहीं न कहीं बगदाद के साथ उसके कूटनीतिक संबंधों और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की मजबूरी को भी दर्शाता है।

हॉर्मुज स्ट्रेट का वैश्विक ऊर्जा बाजार में महत्व

दुनियाभर में कच्चे तेल की सप्लाई के लिए हॉर्मुज स्ट्रेट को सबसे महत्वपूर्ण चोकपॉइंट (Chokepoint) माना जाता है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह जलमार्ग दुनिया के सबसे व्यस्त तेल व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर दुनिया भर के बाजारों तक पहुंचता है।

यदि इस मार्ग पर जरा सी भी बाधा आती है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। यही कारण है कि इराक और ईरान के बीच का यह ताजा समझौता न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से एक राहत भरी खबर है।

वैकल्पिक रास्तों की तलाश में जुटा था इराक

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर पूरी तरह निर्भरता या इस मार्ग पर किसी भी अनिश्चितता से बचने के लिए इराक पिछले कुछ समय से वैकल्पिक रास्तों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा था। इराक अपने तेल निर्यात के विविधीकरण (Diversification) के तहत अन्य पाइपलाइनों और बंदरगाहों के इस्तेमाल की योजना बना रहा था ताकि संकट के समय देश की अर्थव्यवस्था को बचाया जा सके।

  • इराक अपनी तेल निर्यात क्षमता को बढ़ाने के लिए लगातार नए विकल्प तलाश रहा है।
  • हॉर्मुज स्ट्रेट पर निर्भरता कम करने के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर जोर दिया जा रहा है।
  • तेल संकट से निपटने के लिए बगदाद की कूटनीतिक चालें कामयाब होती नजर आ रही हैं।

क्षेत्रीय राजनीति पर इसका क्या होगा असर?

इस पूरी घटना को कूटनीतिक गलियारों में इराक की एक बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। ईरान द्वारा इराकी टैंकरों को छूट दिया जाना यह साबित करता है कि क्षेत्रीय कूटबारी में बगदाद का प्रभाव बढ़ रहा है। इसके अलावा, इससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी विश्वास को भी मजबूती मिलेगी, जो लंबे समय से संघर्ष झेल रहे इस क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है।

हालांकि, वैश्विक ऊर्जा बाजार इस बात पर भी बारीक नजर बनाए हुए हैं कि यह व्यवस्था कब तक सुचारू रूप से चल पाती है, क्योंकि पश्चिम एशिया के हालात कब बदल जाएं, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल होता है।

1: हॉर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है, इसलिए वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए यह बेहद अहम है।

2: ईरान के इस फैसले से इराक को क्या फायदा होगा?

इस अनुमति के बाद इराक अपने कच्चे तेल का निर्यात बिना किसी रुकावट के जारी रख सकेगा, जिससे उसकी अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी और राजस्व में कोई बड़ी गिरावट नहीं आएगी।

3: क्या इराक वैकल्पिक मार्गों का भी इस्तेमाल कर रहा है?

हां, किसी भी संभावित संकट से बचने के लिए इराक अपने तेल निर्यात के लिए अन्य पाइपलाइनों और वैकल्पिक बंदरगाहों के विकल्पों पर भी काम कर रहा है ताकि उसकी निर्भरता केवल एक मार्ग पर न रहे।

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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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