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अमेरिका के आर्थिक युद्ध में कूदे देश तो खैर नहीं, ईरान की सीधी चेतावनी

अमेरिका के आर्थिक युद्ध में कूदे देश तो खैर नहीं, ईरान की सीधी चेतावनी

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच पर एक बार फिर तनाव का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। खाड़ी देशों से आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने उन तमाम देशों को खुली चेतावनी दी है जो अमेरिका द्वारा छेड़े गए 'आर्थिक युद्ध' में वॉशिंगटन का साथ दे रहे हैं। तेहरान का यह कड़ा रुख ऐसे समय में सामने आया है जब कूटनीतिक प्रयास पूरी तरह से ठप पड़ चुके हैं और रणनीतिक रूप से बेहद अहम माने जाने वाले 'हॉर्मूज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

मोहेसिन रजाई की दो टूक: बातचीत से लेकर हमलों तक की रणनीति

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहेसिन रजाई ने एक बयान में स्पष्ट कर दिया है कि तेहरान अब चुप बैठने वाला नहीं है। रजाई ने ईरान की जवाबी रणनीति को तीन चरणों (Three-Stage Sequence) में बांटा है। इस रणनीति के तहत शुरुआती दौर में उन देशों के साथ कूटनीतिक बातचीत की जाएगी जो अमेरिका के साथ सहयोग कर रहे हैं, ताकि तनाव को कम किया जा सके और मध्यस्थता का रास्ता निकाला जा सके।

लेकिन, ईरान यहीं नहीं रुका। मोहेसिन रजाई ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, "अगर वे नहीं मानते और अपनी हरकतों से बाज नहीं आते, तो हम वार करेंगे। हम सीधे तौर पर उस देश के हितों को निशाना बनाएंगे।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब व्हाइट हाउस ईरान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को और अधिक दबाव में डालने के लिए सोमवार को नए और कड़े प्रतिबंधों का ऐलान करने की योजना बना रहा है।

हॉर्मूज जलडमरूमध्य पर मंडराता संकट

इस पूरे भू-राजनीतिक संघर्ष का सबसे बड़ा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। दुनिया का एक तिहाई से ज्यादा सी-बॉर्न क्रूड ऑयल 'हॉर्मूज जलडमरूमध्य' से होकर गुजरता है। ईरान की इस सीधी चेतावनी के बाद इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या में ऐतिहासिक गिरावट आई है। शिपिंग कंपनियों में डर का माहौल है कि कहीं वे इस कूटनीतिक और आर्थिक जंग का शिकार न बन जाएं।

क्या हैं इस तनाव के संभावित परिणाम?

  • कच्चे तेल की कीमतें: यदि संघर्ष और गहराता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में बेतहाशा उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर भारत जैसे ऊर्जा आयातक देशों पर पड़ेगा।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला: शिपिंग रूट प्रभावित होने से इलेक्ट्रॉनिक्स, खाने के सामान और अन्य जरूरी वस्तुओं की आवाजाही बाधित होगी।
  • सुरक्षा चिंताएं: खाड़ी देशों में तैनात अमेरिकी सैन्य अड्डों और साझीदार देशों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।


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ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

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