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सीरिया के एयरबेस पर इजरायल के 8 बड़े हमले, भड़का अमेरिका!

सीरिया के एयरबेस पर इजरायल के 8 बड़े हमले, भड़का अमेरिका!

मध्य पूर्व (Middle East) की सुलगती जमीन पर एक बार फिर जंग के बादल मंडराने लगे हैं। इस बार मामला सीरिया के रणनीतिक रूप से बेहद अहम 'अबू अल-दुहुर एयरबेस' (Abu Al Duhur Airbase) पर हुए इजरायली हवाई हमलों से जुड़ा है। इजरायली वायुसेना ने इस सैन्य ठिकाने पर एक साथ आठ बड़े हवाई हमले किए हैं, जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में भूचाल आ गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस हमले के बाद इजरायल के सबसे पक्के दोस्त यानी अमेरिका ने ही कड़ी आपत्ति जताई है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में अचानक तनाव आ गया है।

अबू अल-दुहुर एयरबेस पर क्यों बरसे इजरायली बम?

सीरिया के इदलिब प्रांत में स्थित अबू अल-दुहुर एयरबेस पर हुए इन हमलों ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। स्थानीय रिपोर्ट्स और सीरियाई मीडिया के मुताबिक, इजरायली लड़ाकू विमानों ने इस एयरबेस के मुख्य रनवे और कई सैन्य स्टोरेज को निशाना बनाया है। इस भीषण गोलाबारी में एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीरिया में सत्ता परिवर्तन और नए नेतृत्व के आने के बाद इजरायल का यह सबसे बड़ा सैन्य हमला है। हालांकि, हमेशा की तरह इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इन हमलों पर आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन क्षेत्रीय रणनीतिकार इसे ईरान समर्थित गतिविधियों को रोकने की इजरायली रणनीति का हिस्सा मान रहे हैं।

अमेरिका ने क्यों जताई कड़ी नाराजगी?

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला पहलू अमेरिका की प्रतिक्रिया है। आमतौर पर हर सैन्य कदम पर इजरायल के साथ खड़े दिखने वाले अमेरिका ने इस बार खुलकर नाराजगी जताई है। सीरिया और इराक के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत, टॉम बैरक ने इस सैन्य कार्रवाई को 'पूरी तरह से अनावश्यक' करार दिया है।

"इजरायल द्वारा अबू अल-दुहुर एयरबेस पर किए गए हमलों से क्षेत्रीय स्थिरता को बड़ा धक्का पहुंचा है। ऐसी कार्रवाइयों को आसानी से टाला जा सकता था।" - टॉम बैरक, अमेरिकी विशेष दूत

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी भड़ास निकालते हुए अमेरिकी दूत ने सीरियाई प्रशासन का कूटनीतिक बचाव भी किया। उन्होंने कहा कि नई अल-शर्रा सरकार ने कभी कोई आक्रामक रुख नहीं अपनाया है और न ही किसी प्रॉक्सी युद्ध को बढ़ावा दिया है। इसके विपरीत, सीरियाई सरकार ने हर कदम पर संयम का परिचय दिया है, ऐसे में यह हमला गैर-जरूरी था।

नेतन्याहू और ट्रंप के बीच भी बढ़ी तनातनी?

इस हवाई हमले से उपजे तनाव के बीच कूटनीतिक गलियारों से एक और बड़ी खबर सामने आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच ईरान के बढ़ते प्रभाव को लेकर तीखी बहस हुई है। ईरान के क्षेत्रीय दखल और उससे निपटने के तौर-तरीकों को लेकर दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं, जिससे अमेरिका-इजरायल की पुरानी दोस्ती में भी हल्की दरारें दिख रही हैं।

आगे क्या होगा? क्या टल पाएगा युद्ध का खतरा?

अमेरिका का साफ कहना है कि युद्ध या बमबारी किसी समस्या का समाधान नहीं है। अमेरिकी प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सीरिया और इजरायल के बीच के सभी विवादों को कूटनीतिक बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। अमेरिका ने दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता और उच्च-स्तरीय बैठकों की मेजबानी करने की पेशकश भी की है।

फिलहाल, मध्य पूर्व में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। एक तरफ जहां इजरायल अपनी सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए कड़े फैसले ले रहा है, वहीं अमेरिका और अन्य पश्चिमी देश इस इलाके को एक और बड़े युद्ध में झुलसने से बचाने के लिए कूटनीतिक जोड़-तोड़ में लगे हैं। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यह तनाव थमता है या फिर एक नए युद्ध की नींव रखता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: अबू अल-दुहुर एयरबेस कहाँ स्थित है?

Ans: अबू अल-दुहुर एयरबेस सीरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित इदलिब प्रांत में आता है, जो एक बेहद महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है।

Q2: अमेरिका ने इजरायली हमलों पर आपत्ति क्यों जताई है?

Ans: अमेरिकी दूत टॉम बैरक का मानना है कि यह हमला अनावश्यक था क्योंकि सीरिया की मौजूदा सरकार ने कोई आक्रामक रुख नहीं अपनाया था, और ऐसे हमलों से मध्य पूर्व की शांति खतरे में पड़ सकती है।

Q3: क्या इजरायल ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है?

Ans: अब तक इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इन हवाई हमलों पर आधिकारिक रूप से कोई बयान जारी नहीं किया है और पूरी तरह चुप्पी साधी हुई है।

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अल्का सिंह

अल्का सिंह

Senior Content Writer

अल्का सिंह स्वास्थ्य और जीवनशैली से जुड़े विषयों पर गहन शोध के साथ लेखन करती हैं। उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को केवल सामान्य जानकारी ही नहीं, बल...

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