लंबे सफर पर निकलने से पहले वाहन की तकनीकी जांच करना हादसों और बीच रास्ते में आने वाली परेशानियों से बचाता है।
लंबे सफर पर निकलने से पहले लोग आमतौर पर सिर्फ फ्यूल और रूट की योजना बनाते हैं, लेकिन कार की आंतरिक स्थिति की अनदेखी कर देते हैं। इससे बीच रास्ते में टायर फटने, इंजन सीज होने या बैटरी डिस्चार्ज होने जैसी गंभीर समस्याएं सामने आ सकती हैं। सफर पर निकलने से पहले कुछ बुनियादी चीजों की जांच करने में अधिक समय नहीं लगता, लेकिन यह यात्रा को सुरक्षित बनाने में मदद करती है। इन सावधानियों से हर तरह की खराबी की पूरी गारंटी तो नहीं मिलती, लेकिन संभावित जोखिमों को समय रहते टाला जा सकता है।
टायर प्रेशर और उनकी भौतिक स्थिति की जांच
सफर पर निकलने से पहले चारों मुख्य टायरों का एयर प्रेशर प्रेशर गेज की मदद से जरूर जांचें। केवल देखकर हवा का अंदाजा लगाने के बजाय सटीक माप देखना जरूरी है। हवा कम होने पर टायर अत्यधिक गर्म हो सकता है, जिससे उसकी उम्र घटती है और वाहन की हैंडलिंग पर विपरीत असर पड़ता है। सही एयर प्रेशर की जानकारी ड्राइवर साइड के दरवाजे पर दिए गए लेबल या ओनर मैनुअल से मिल सकती है। टायरों में किसी तरह के कट, दरार या उभार की भी जांच करें। इसके अलावा स्टेपनी (स्पेयर टायर) और पंचर किट की मौजूदगी सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
इंजन ऑयल का स्तर और उसकी गुणवत्ता
इंजन ऑयल कार के अंदरूनी हिस्सों के बीच घर्षण को कम करने का मुख्य काम करता है। ऑयल का स्तर मानक से कम होने पर इंजन को भारी नुकसान पहुंच सकता है। यात्रा शुरू करने से पहले कार को किसी समतल स्थान पर खड़ा करें और ओनर मैनुअल के निर्देशों के अनुसार ऑयल का स्तर जांचें। यदि ऑयल कम पाया जाता है, तो वाहन निर्माता द्वारा निर्धारित सही ग्रेड का ही ऑयल इस्तेमाल करें। यदि ऑयल बार-बार कम हो रहा है या जमीन पर तेल के निशान दिखाई दे रहे हैं, तो केवल ऑयल टॉप-अप करके आगे बढ़ने के बजाय किसी पेशेवर मैकेनिक से गाड़ी की जांच करानी चाहिए।
कार की बैटरी और उसके टर्मिनलों की स्थिति
कमजोर या पुरानी बैटरी के कारण गाड़ी को स्टार्ट करने में परेशानी आ सकती है। सफर पर निकलने से पहले बैटरी के टर्मिनलों को देखें कि उनमें ढीलापन या जंग तो नहीं लगा है। यदि इंजन स्टार्ट होने में सामान्य से अधिक समय लग रहा है या डैशबोर्ड पर बैटरी से जुड़ी चेतावनी लाइट जल रही है, तो लंबी यात्रा पर जाने से पहले विशेषज्ञ से इसकी जांच कराएं। केवल बाहर से बैटरी ठीक दिखने का यह अर्थ नहीं है कि वह पूरी तरह चार्ज है और सुचारू रूप से काम कर रही है।
अन्य जरूरी बिंदु
इन तीन प्रमुख जांचों के अलावा कूलेंट का स्तर, ब्रेक की कार्यप्रणाली, हेडलाइट, इंडिकेटर और फ्यूल लेवल पर भी पूरा ध्यान दें। यदि कार की सर्विस का समय हो चुका है या कोई चेतावनी संकेत लगातार आ रहा है, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर किया गया मेंटेनेंस और यात्रा से पहले की गई तैयारी रास्ते में आने वाले जोखिमों को काफी हद तक कम कर देती है।