स्पेन में बुधवार को हुई दो हाई-स्पीड ट्रेनों की भीषण टक्कर के बाद देश के रेल नेटवर्क की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 69 हो गई है, जबकि लगभग 50 घायलों का अस्पतालों में इलाज जारी है। राष्ट्रीय चुनावों से ठीक पहले हुए इस बड़े हादसे ने स्पेन की परिवहन व्यवस्था और सुरक्षा तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है। यह इस साल इसी रेल लाइन पर हुआ दूसरा बड़ा रेल हादसा है, जिससे आम जनता और रेल कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
हादसे का विवरण और आंकड़े
यह दुर्घटना बुधवार सुबह मैड्रिड से दक्षिण-पश्चिमी स्पेन के सेविले की ओर जा रही दो हाई-स्पीड ट्रेनों के बीच हुई। दोनों ट्रेनें एक ही दिशा में पटरियों पर दौड़ रही थीं। इस हादसे में स्पेन की सरकारी रेल कंपनी 'रेनफे' (Renfe) और निजी रेल कंपनी 'इर्यो' (Iryo) की ट्रेनें शामिल थीं। 'रेनफे' की ट्रेन ने आगे चल रही 'इर्यो' की ट्रेन के पिछले हिस्से को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे सैकड़ों यात्रियों से भरी बोगियों में अफरा-तफरी मच गई।
कास्तिया-ला मांचा के क्षेत्रीय अध्यक्ष एमिलियानो गार्सिया-पेज ने पुष्टि की है कि घटनास्थल से एक और शव मिलने के बाद मृतकों का आधिकारिक आंकड़ा 69 तक पहुंच गया है। गंभीर रूप से घायल 50 लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस दर्दनाक घटना के बाद स्पेन सरकार ने गुरुवार से तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है।
परिवहन मंत्री ने बताई तकनीकी चूक और आदेश की गलती
स्पेन के परिवहन मंत्री आस्कर पुएंते ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हादसे की मुख्य वजह का खुलासा करते हुए बताया कि यह दुर्घटना एक सेंट्रल कमांड सेंटर से मिले अस्पष्ट और गलत निर्देश के कारण हुई। सुबह करीब साढ़े आठ बजे कंप्यूटर में तकनीकी खराबी के चलते उस रेलखंड की सुरक्षा प्रणाली ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद एहतियात के तौर पर उस हिस्से की सभी ट्रेनों को रोक दिया गया था।
घटना के समय निजी कंपनी 'इर्यो' की ट्रेन ट्रैक पर रुकी हुई थी और सरकारी कंपनी 'रेनफे' की ट्रेन उससे लगभग 25 किलोमीटर पीछे थी। लेकिन कुछ ही मिनटों बाद सेंट्रल कमांड ने 'रेनफे' की ट्रेन को बिना किसी गति सीमा के दोबारा आगे बढ़ने का निर्देश दे दिया। निर्देश मिलते ही तेज रफ्तार ट्रेन आगे बढ़ी और सुबह 8:53 बजे रुकी हुई 'इर्यो' की ट्रेन से जा टकराई। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और जनता का भरोसा पुनः हासिल करने के लिए रेल सुरक्षा में व्यापक सुधार का वादा किया है।
रेल नेटवर्क की स्थिति और जनता का आक्रोश
स्पेन का हाई-स्पीड रेल नेटवर्क दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा नेटवर्क है, जिसमें चीन के बाद स्पेन की गिनती होती है। तीन दशक से अधिक समय पहले शुरू हुई इस सेवा में इस साल की शुरुआत तक कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ था, लेकिन इस साल जनवरी में भी इन्हीं दोनों कंपनियों की ट्रेनों के बीच एक दुर्घटना हो चुकी है जिसमें 45 लोगों की जान गई थी। सालभर के भीतर दो बड़े हादसों ने इस प्रतिष्ठित नेटवर्क की साख को हिला दिया है।
घटना से गुस्साए 24 वर्षीय एक ट्रेन यात्री ने कहा कि रेल यात्रा पर से लोगों का भरोसा डगमगा गया है और अब व्यवस्था में बड़े बदलाव की सख्त जरूरत है। हालात की गंभीरता को देखते हुए ट्रेन कर्मचारियों ने भी गुरुवार को हड़ताल कर दी और सरकार से तुरंत पुख्ता सुरक्षा सुधार लागू करने की मांग की है।