टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में आयोजित एक चुनावी रैली के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर की गई एक टिप्पणी पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले महंगाई और खर्च उठाने की क्षमता चुनावी मैदान के सबसे अहम मुद्दे बने हुए हैं। टेक्सास के कॉर्पस क्रिस्टी में अपनी रैली के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने महंगाई और जीवन-यापन के खर्च को लेकर ऐसा मजाक किया कि वहां मौजूद उनके समर्थक ठहाके लगाने लगे। पीटीआई के अनुसार, मंगलवार को दिए गए इस भाषण में ट्रंप ने कहा कि उनके आलीशान मार-ए-लागो रिसार्ट में 5,000 डॉलर में मुश्किल से एक हैमबर्गर और छोटी मिठाई ही मिल पाएगी।
राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी हर अमेरिकी वयस्क को 5,000 डॉलर देने के उनके चुनावी वादे के संदर्भ में सामने आई है। हालांकि, यह प्रस्तावित भुगतान रिपब्लिकन पार्टी के कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना नियंत्रण बरकरार रखने की शर्त से जुड़ा हुआ है। इस प्रस्ताव पर लगभग 1.3 ट्रिलियन डॉलर के भारी-भरकम खर्च का अनुमान है और इसे लागू करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस की औपचारिक मंजूरी की भी आवश्यकता है, जिसको लेकर राजनीतिक हलकों में सवाल उठने लगे हैं।
महंगाई और प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़े
मौजूदा समय में अमेरिका में महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत आम जनता के लिए बड़ी चिंता का विषय है। प्यू रिसर्च सेंटर के एक हालिया अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि लगभग 60 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों का कहना है कि उनकी मौजूदा आमदनी मनचाही जिंदगी जीने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा, करीब 70 प्रतिशत लोगों ने बाहर खाना खाने जैसे अन्य अतिरिक्त खर्चों में भारी कटौती कर दी है। इन सबके बावजूद, राष्ट्रपति ट्रंप लगातार अमेरिकी अर्थव्यवस्था के बेहतर प्रदर्शन का दावा करते आए हैं और उन्होंने महंगाई तथा खर्च उठाने की समस्या को डेमोक्रेट्स का गढ़ा हुआ राजनीतिक मुद्दा करार दिया है।
बराक ओबामा की नैतिकता के आधार पर मतदान की अपील
रॉयटर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, देश के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस पूरे घटनाक्रम के बीच राष्ट्रपति ट्रंप पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे आगामी चुनावों में नैतिकता के आधार पर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। ओबामा ने कहा कि समाज में ऐसी संस्कृति को बदलना बेहद जरूरी है जहां सार्वजनिक रूप से झूठ बोलने, धोखा देने और दूसरों को डराने-धमकाने के व्यवहार को सामान्य मानकर स्वीकार कर लिया जाता है।
उन्होंने आगे चेताया कि जब केवल पैसे को ही इंसान की अहमियत मापने का एकमात्र पैमाना बना दिया जाता है, तब व्यवस्था की अंतर्निहित खामियों और गंभीर आर्थिक समस्याओं को दूर करना बेहद कठिन हो जाता है। इससे पहले, ओबामा ने व्हाइट हाउस में ट्रंप प्रशासन की ओर से कराए जा रहे आंतरिक बदलावों पर तंज कसते हुए कहा था कि इमारत अब ऐसी दिखने लगी है, मानो सद्दाम हुसैन ने वहां कोई चीजकेक फैक्टरी खोल दी हो।
ओहायो में एपस्टीन के मुद्दे पर घिरे ट्रंप
महंगाई और राजनीतिक बयानों के बीच, ओहायो में आयोजित एक अन्य चुनावी कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप को तीखे विरोध का सामना करना पड़ा। कार्यक्रम के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने यौन अपराध के मामलों से जुड़े जेफ्री एपस्टीन के मुद्दे को उठाकर ट्रंप को बीच में ही टोक दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने लगभग 25 साल पहले ही जेफ्री एपस्टीन को अपने क्लब से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। साथ ही, उन्होंने प्रदर्शनकारियों को पैसे लेकर ओहायो के कार्यक्रम में हंगामा करने वाला करार दिया।