बिहार के लाखों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांग जनों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से अगस्त 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दी है। इस योजना के तहत राज्यभर के एक करोड़ से अधिक लोगों को आर्थिक संबल प्रदान किया गया है, जिससे जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है।
सुपौल जिले के 2.63 लाख लाभार्थियों के खातों में पहुंचे 28.80 करोड़
राज्यव्यापी इस अभियान के तहत सुपौल जिले में भी वित्तीय वितरण का बड़ा आंकड़ा सामने आया है। सुपौल जिले के कुल 2,63,342 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल 28,80,93,200 रुपये की भारी-भरकम राशि भेजी गई है। हर महीने तय समय पर मिलने वाली इस सहायता राशि से जिले के ग्रामीण और शहरी इलाकों के जरूरतमंदों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में बड़ी मदद मिल रही है।
जिला मुख्यालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखने के लिए एक विशेष आयोजन किया गया था। इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में जिले के जिलाधिकारी सावन कुमार के साथ-साथ कई प्रमुख प्रशासनिक अधिकारी और सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े 100 से अधिक लाभार्थी प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने सरकार की इस पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था की सराहना की।
विभिन्न पेंशन योजनाओं का विस्तृत वित्तीय विवरण
सरकार द्वारा चलाई जा रही अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत जिले के लाभार्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार राशि का आवंटन किया गया है। योजनावार आंकड़ों पर नजर डालें तो इस प्रकार वित्तीय लाभ वितरित किया गया है:
- मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना: इस योजना के तहत जिले के 1,72,308 लाभार्थियों के खातों में कुल 20,32,93,200 रुपये की राशि भेजी गई है।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना: इसके अंतर्गत 49,535 लाभार्थियों को 5,46,28,500 रुपये का सीधा लाभ मिला है।
- लक्ष्मीबाई सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना: इस श्रेणी के 11,752 लाभार्थियों को 1,33,83,400 रुपये अंतरित किए गए हैं।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना: इस योजना के तहत 13,781 लाभार्थियों के खातों में 1,53,68,200 रुपये पहुंचे हैं।
- बिहार निःशक्तता पेंशन योजना: दिव्यांग जनों के लिए चलाई जा रही इस योजना के 15,169 लाभार्थियों को 1,69,09,700 रुपये मिले हैं।
- इंदिरा गांधी राष्ट्रीय निःशक्तता पेंशन योजना: इसके 797 लाभार्थियों को 8,76,700 रुपये की राशि प्रदान की गई है।
डिजिटल डीबीटी प्रक्रिया से बिचौलियों का खेल खत्म
सरकार की ओर से अपनाई गई डीबीटी (DBT) प्रणाली ने पेंशन वितरण व्यवस्था में एक नई पारदर्शिता लाई है। अब किसी भी बिचौलिये या तीसरे माध्यम की गुंजाइश नहीं बची है। राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक लाभार्थी को तय मानदण्ड के अनुसार 1100 रुपये प्रतिमाह की दर से राशि सीधे उनके आधार कार्ड से जुड़े बैंक खातों में भेजी जा रही है। इस डिजिटल क्रांति ने भ्रष्टाचार की संभावनाओं को लगभग समाप्त कर दिया है और जरूरतमंदों तक शत-प्रतिशत राशि पहुंच रही है।
समय पर पेंशन मिलने से लाभान्वितों ने जताया आभार
अपने बैंक खातों में समयबद्ध तरीके से अगस्त महीने की पेंशन राशि आ जाने के बाद लाभार्थियों में काफी उत्साह देखा गया। कई बुजुर्गों और महिलाओं ने खुलकर सरकार और जिला प्रशासन के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। उनका कहना है कि समय पर पैसे मिलने से उन्हें दवाइयों, खान-पान और अन्य जरूरी खर्चों के लिए किसी के आगे हाथ नहीं फैलाना पड़ता। जिला प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि भविष्य में भी सभी पात्र लाभार्थियों को इसी प्रकार निर्बाध रूप से योजनाओं का लाभ मिलता रहेगा।