बिहार की राजधानी पटना में इन दिनों वाहन चोरों के हौसले बुलंद थे, लेकिन पुलिस ने उनके मंसूबों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। ताजा मामला शहर के व्यस्त और संवेदनशील माने जाने वाले कोतवाली थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस ने वाहन चोरों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की विशेष टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर चोरी की कुल 6 मोटरसाइकिलों को बरामद किया है और इस धंधੇ में शामिल दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। इस कार्रवाई के बाद से वाहन चोर गिरोह में हड़कंप मच गया है।
लगातार बढ़ रही वारदातों से थी पुलिस के सामने चुनौती
बीते कुछ हफ्तों से पटना के विभिन्न इलाकों, खासकर कोतवाली थानांतर्गत क्षेत्रों में मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी। आए दिन लोगों की गाड़ियां चोरी होने से आम जनता में भारी नाराजगी और चिंता का माहौल था। लगातार सामने आ रही इन वारदातों को पुलिस प्रशासन ने एक बड़ी चुनौती के रूप में लिया। वाहन मालिकों की बढ़ती शिकायतों को गंभीरता से देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (मध्य), पटना के कुशल निर्देशन और कोतवाली थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी टीम का गठन किया गया था। इस टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि किसी भी कीमत पर इन चोरों का सुराग लगाया जाए और गिरोह का पर्दाफाश किया जाए।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान से खुला राज
अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने इस बार पूरी तरह से वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Investigation) का सहारा लिया। विशेष टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के इलाकों में लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगालना शुरू किया। घंटों की कड़ी मशक्कत और तकनीकी अनुसंधान के बाद पुलिस को चोरों की गतिविधियों का सुराग मिल गया। फुटेज के जरिए अपराधियों की पहचान स्थापित करने में बड़ी मदद मिली। इसके अलावा, पुलिस ने मानवीय इनपुट (Human Intelligence) का भी बखूबी इस्तेमाल किया, जिससे आरोपियों के छिपने के ठिकानों की पुख्ता जानकारी हाथ लग गई।
संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी
तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों से पुख्ता सुराग मिलने के बाद, पुलिस टीम ने पूरी योजना के साथ विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। पुलिस की इस सुनियोजित और त्वरित कार्रवाई से अपराधियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दौरान पुलिस ने चोरी की गई 6 मोटरसाइकिलों को एक साथ बरामद कर लिया, जिन्हें चोर बेचने या ठिकाने लगाने की फिराक में थे। मौके से ही दो शातिर अभियुक्तों को भी धर दबोचा गया। पुलिस की इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि शहर में सक्रिय वाहन चोर गिरोह अब कानून की गिरफ्त से ज्यादा दिनों तक बच नहीं सकते।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
पकड़े गए दोनों आरोपियों से पुलिस कस्टडी में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन दोनों की गिरफ्तारी से कई अन्य खुलासे हो सकते हैं। पूछताछ के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अंतर-जिला या स्थानीय गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसके साथ ही, चोरी के इन वाहनों को खरीदने-बेचने वाले (Receivers of Stolen Property) संदिग्धों की संलिप्तता की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
प्राथमिकी दर्ज, न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया शुरू
इस पूरे मामले में स्थानीय थाने में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारों का मानना है कि पुलिस का यह अभियान क्षेत्र में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। आम जनता ने भी पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की सराहना की है, जिससे शहर में सुरक्षा का दायरा मजबूत होता नजर आ रहा है।