उत्तर प्रदेश की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग और तीखे बयानों का दौर अपने चरम पर है। राज्य सरकार के प्रभावी मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। एक तीखे और बेबाक बयान में विश्वकर्मा ने अखिलेश को 'रंग बदलने वाला इंसान' करार दिया है। साथ ही उनके बहुचर्चित 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर उठाए जाने वाले सवालों को लेकर भी जोरदार पलटवार किया है।
अखिलेश के 'PDA' पर एनडीए का बड़ा पलटवार
राजनीतिक गलियारों में इस समय चर्चा का सबसे बड़ा विषय अखिलेश यादव का PDA अभियान बना हुआ है। समाजवादी पार्टी इस समीकरण के जरिए अपने सियासी किले को मजबूत करने की पुरजोर कोशिश कर रही है। हालांकि, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस पर कड़ा एतराज जताया है। राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि अगर अखिलेश यादव को वास्तव में 'असली PDA' देखना है, तो उन्हें समाजवादी पार्टी का दायरा छोड़कर एनडीए (NDA) खेमे में आना चाहिए।
विश्वकर्मा ने आगे कहा कि मौजूदा समय में समाज के हर एक वर्ग—चाहे वह शोषित हो, वंचित हो, पिछड़ा हो या युवा हो—को साथ लेकर चलने और उनके उत्थान के लिए अगर कोई गठबंधन पूरी ईमानदारी से काम कर रहा है, तो वह केवल एनडीए है। उन्होंने सपा की पिछली सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब-जब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार रही, तब-तब तुष्टीकरण और परिवारवाद हावी रहा, लेकिन आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सांस्कृतिक विरासत का जो अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है, उससे विपक्षी खेमा बौखला गया है।
"अखिलेश यादव का PDA आखिर है क्या? जिस तरह से उनके बयानों और रुख में लगातार बदलाव आ रहा है, उसे उत्तर प्रदेश की जागरूक जनता बहुत ही बारीकी से देख रही है। यदि आपको सच्चा और समावेशी PDA देखना है, तो एनडीए की कार्यशैली आकर देखनी चाहिए।" — हंसराज विश्वकर्मा, राज्यमंत्री
'2022 में भी कर रहे थे ऐसे ही दावे, परिणाम सबके सामने है'
आगामी चुनावों की तैयारियों और राज्य भर में हो रहे दौरों को लेकर पूछे गए सवाल पर हंसराज विश्वकर्मा ने तंज कसा। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी अखिलेश यादव लगातार बड़े-बड़े दावे कर रहे थे कि जनता पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है, लेकिन चुनाव के नतीजे सबके सामने आए और एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी।
मंत्री ने चुनौती भरे लहजे में कहा कि यदि अखिलेश यादव प्रदेश का दौरा करते हैं और जनता के बीच जाते हैं, तो भाजपा के नेता और कार्यकर्ता भी अपने घरों में दुबक कर बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश के कोने-कोने में विकास की इबारत लिखी है और पार्टी का हर एक सिपाही जनता के बीच जाकर इन विकास कार्यों का हिसाब देगा।
'Gen Z के युवा पीढ़ी पूरी तरह से राष्ट्र निर्माण के साथ'
आज के दौर में युवा मतदाता (Youth Voters) किसी भी चुनाव की दिशा तय करने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। इस मोर्चे पर भी एनडीए की स्थिति को बेहद मजबूत बताते हुए विश्वकर्मा ने कहा कि देश की नई पीढ़ी यानी 'Gen Z' अब बहुत समझदार हो चुकी है। वह देश में हो रहे आमूल-चूल बदलाव और आधुनिक विकास को भली-भांति समझ रही है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत द्वारा युवाओं के साथ किए गए सीधे संवाद का विशेष जिक्र किया। विश्वकर्मा का दावा है कि आज का युवा किसी के बहकावे में आने के बजाय अपनी मेधा और तार्किकता के आधार पर निर्णय ले रहा है। यह युवा शक्ति पूरी तरह से प्रधानमंत्री मोदी की विकासवादी सोच और राष्ट्र निर्माण के विजन के साथ मजबूती से खड़ी है।
EVM पर सियासत: 'हारते ही ठीकरा फोड़ना विपक्ष की पुरानी आदत'
चुनावों के दौरान EVM (Electronic Voting Machine) पर विपक्ष की ओर से बार-बार उठाए जाने वाले सवालों पर हंसराज विश्वकर्मा ने करारा कटाक्ष किया। उन्होंने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा कि जब ये दल चुनाव जीत जाते हैं, तब इन्हें EVM में कोई खराबी नजर नहीं आती है और वे चुपचाप सत्ता संभाल लेते हैं, लेकिन जैसे ही इन्हें जनता नकार देती है और हार का सामना करना पड़ता है, इनका पूरा ठीकरा मशीन और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर फूटने लगता है।
- भाजपा की संस्कृति: हार मिलने पर मंथन करना, कमियों की समीक्षा करना और संगठन को मजबूत बनाना।
- विपक्ष की राजनीति: हार का ठीकरा हमेशा EVM और संवैधानिक संस्थाओं के सिर मढ़ना।
- जनता का विश्वास: बार-बार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से जनता का भरोसा कभी हासिल नहीं किया जा सकता।
उन्होंने विपक्ष की तुलना ऐसे नाराज रिश्तेदारों से की जो छोटी-छोटी बातों पर मुंह फुलाकर बैठ जाते हैं। विश्वकर्मा ने दो टूक कहा कि लोकतांत्रिक प्रणाली में जनता का जनादेश सर्वोपरि होता है, जिसे हर राजनीतिक दल को सहजता से स्वीकार करना चाहिए। बार-बार चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करके कोई भी दल जनता का दीर्घकालिक विश्वास नहीं जीत सकता।
'सेवा पखवाड़ा' के जरिए जन-जन तक पहुंचेगी सरकार की उपलब्धियां
संगठनात्मक मोर्चे पर पार्टी की आगामी रणनीतियों का खुलासा करते हुए राज्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, प्रदेश संगठन महामंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और मंत्रिपरिषद के वरिष्ठ सदस्यों की एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई है। इस बैठक में इस बात पर विस्तृत मंथन किया गया है कि सरकार और संगठन की योजनाओं को किस प्रकार से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन के 25 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भाजपा बड़े पैमाने पर 'सेवा पखवाड़ा' का आयोजन करेगी। इसके तहत पार्टी के तमाम नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर जाकर प्रधानमंत्री की कार्यशैली, उनके जनसेवा के समर्पण भाव और केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता को देंगे।
अंत में उन्होंने दोहराया कि आने वाले चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह से 'विकास, विरासत और जनसेवा' के ठोस मुद्दों के साथ जनता की अदालत में जाएगी। उत्तर प्रदेश की जनता भली-भांति जानती है कि कौन उनके जीवन स्तर को बेहतर बना रहा है और कौन सिर्फ जुमलेबाजी की राजनीति कर रहा है। आने वाले समय में जनता एक बार फिर विकास के पक्ष में अपना मुहर लगाएगी।