Breaking
► वाराणसी में घटनास्थल पर पहुंचे कांस्टेबल अमित शुक्ला को लगी गोली, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती ► Google बंद करने जा रहा है AI कोडिंग टूल Jules, जानें कब तक सुरक्षित रख सकेंगे डेटा ► छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : बैलाडिला बुल्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स सेमीफाइनल में पहुंचे ► दुनिया की 5 ऐतिहासिक जेलें, जहां कैदियों की कोठरी में ठहरते हैं पर्यटक ► बाजार की जेली छोड़िए, घर पर गाजर, सेब और चुकंदर से ऐसे बनाएं हेल्दी ABC गमीज ► अलाया एफ का हैंडस्टैंड वीडियो वायरल: बिना तैयारी के कठिन योगासन या कसरत करना खतरनाक ► रोमांटिक फिल्मों से लेकर एआई तक फैला अनुभव सिन्हा का सफर ► ऋषभ शेट्टी पर्दे पर बनेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज, दो भागों में बनेगी फिल्म ► धनबाद में लिंग जांच के बाद असुरक्षित गर्भपात से विवाहिता की मौत, पति और नर्स समेत 4 गिरफ्तार ► बटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं... 2027 चुनाव को लेकर CM योगी का मंत्र ► वाराणसी में घटनास्थल पर पहुंचे कांस्टेबल अमित शुक्ला को लगी गोली, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती ► Google बंद करने जा रहा है AI कोडिंग टूल Jules, जानें कब तक सुरक्षित रख सकेंगे डेटा ► छत्तीसगढ़ हॉकी लीग : बैलाडिला बुल्स और संस्कारधानी स्ट्राइकर्स सेमीफाइनल में पहुंचे ► दुनिया की 5 ऐतिहासिक जेलें, जहां कैदियों की कोठरी में ठहरते हैं पर्यटक ► बाजार की जेली छोड़िए, घर पर गाजर, सेब और चुकंदर से ऐसे बनाएं हेल्दी ABC गमीज ► अलाया एफ का हैंडस्टैंड वीडियो वायरल: बिना तैयारी के कठिन योगासन या कसरत करना खतरनाक ► रोमांटिक फिल्मों से लेकर एआई तक फैला अनुभव सिन्हा का सफर ► ऋषभ शेट्टी पर्दे पर बनेंगे छत्रपति शिवाजी महाराज, दो भागों में बनेगी फिल्म ► धनबाद में लिंग जांच के बाद असुरक्षित गर्भपात से विवाहिता की मौत, पति और नर्स समेत 4 गिरफ्तार ► बटेंगे नहीं तो कटेंगे नहीं... 2027 चुनाव को लेकर CM योगी का मंत्र

समस्तीपुर की दो सगी बहनों ने रचा इतिहास, प्राची हनी बनीं IAS तो छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा वैज्ञानिक

समस्तीपुर की दो सगी बहनों ने रचा इतिहास, प्राची हनी बनीं IAS तो छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा वैज्ञानिक

समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड अंतर्गत तेलनी गांव की दो सगी बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और परिवार के मजबूत मार्गदर्शन से एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। शिक्षक दंपती रजनीकांत वर्मा और चेतना कुमारी की बेटियों की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। बड़ी बेटी प्राची हनी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है, जबकि उनकी 25 वर्षीय छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा वैज्ञानिक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

दिल्ली में रहकर की कठिन तैयारी, दूसरे प्रयास में मिली सफलता

तेलनी गांव की रहने والی प्राची हनी के लिए यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली में रहकर यूपीएससी की कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। प्रारंभिक चरणों में कुछ असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मजबूत इच्छाशक्ति को बनाए रखा।

अपनी निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने वर्ष 2025 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ही यूपीएससी प्रयास में देश भर में 28वां स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में जाने का अपना सपना आखिरकार सच कर दिखाया। प्राची अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने दादा-दादी, चाचा-चाची और माता-पिता को देती हैं। उनका मानना है कि परिवार का निरंतर स्नेह, अनुशासन और दिए गए मजबूत संस्कार ही इस सफलता के असली आधार हैं।

पुत्र मोह से परे माता-पिता की दूरदर्शी सोच

भारतीय समाज के कई हिस्सों में आज भी पुत्र मोह के चलते बेटियों की परवरिश और उच्च शिक्षा के दौरान भेदभाव किए जाने की खबरें सामने आती हैं। इसके विपरीत, शिक्षक दंपती रजनीकांत वर्मा और चेतना कुमारी ने एक सशक्त मिसाल पेश की है। उन्होंने कभी बेटे की चाह नहीं रखी और अपनी दोनों बेटियों की बौद्धिक क्षमता व प्रतिभा पर पूरा भरोसा जताया।

माता-पिता के इस असीम त्याग और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज उनकी दोनों बेटियां देश और समाज में परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। इस अवसर पर पिता रजनीकांत वर्मा ने समाज के नाम संदेश देते हुए कहा कि बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं और दीपावली जैसे पर्व पर उनके नाम का एक दीपक जरूर जलाना चाहिए ताकि उन्हें अपनी महत्ता का अहसास हो सके। वहीं, मां चेतना कुमारी का कहना है कि बेटियां केवल लक्ष्मी ही नहीं, बल्कि परिवार का सौभाग्य और मर्यादा हैं, जिन्होंने प्रशासनिक सेवाओं से लेकर अन्य हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित की है।

कीट विज्ञानी बनने की राह पर छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा

बड़ी बहन प्राची हनी जहां प्रशासनिक सेवा संभालते हुए आईएएस अधिकारी बन चुकी हैं, वहीं उनकी छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा भी वैज्ञानिक बनने की राह पर तेजी से अग्रसर हैं। वर्तमान में 25 वर्षीय प्राची चंद्र वर्मा केंद्रीय विश्वविद्यालय हैदराबाद से माइक्रोबायोलॉजी यानी कीटाणु-विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। दोनों बहनों की यह शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा आज के युवाओं और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि उचित अवसर मिलने पर बेटियां हर क्षेत्र में सर्वोच्च मुकाम हासिल कर सकती हैं।

About the Author

नसीम अहमद

नसीम अहमद

Writer

नसीम अहमद जमीनी पत्रकारिता के मजबूत स्तंभ हैं। वे स्थानीय स्तर की उन खबरों को सामने लाते हैं, जो अक्सर बड़े प्लेटफॉर्म पर नजर अंदाज हो जाती हैं। उन...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →