समस्तीपुर जिले के बिथान प्रखंड अंतर्गत तेलनी गांव की दो सगी बहनों ने अपनी मेहनत, लगन और परिवार के मजबूत मार्गदर्शन से एक उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। शिक्षक दंपती रजनीकांत वर्मा और चेतना कुमारी की बेटियों की इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे राज्य में खुशी का माहौल है। बड़ी बेटी प्राची हनी ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 28वीं रैंक हासिल कर आईएएस अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया है, जबकि उनकी 25 वर्षीय छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा वैज्ञानिक बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
दिल्ली में रहकर की कठिन तैयारी, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
तेलनी गांव की रहने والی प्राची हनी के लिए यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं था। दिल्ली विश्वविद्यालय से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने देश की राजधानी दिल्ली में रहकर यूपीएससी की कठिन और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थी। प्रारंभिक चरणों में कुछ असफलताओं का सामना करने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मजबूत इच्छाशक्ति को बनाए रखा।
अपनी निरंतर मेहनत के बल पर उन्होंने वर्ष 2025 में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता हासिल की। इसके बाद उन्होंने अपने दूसरे ही यूपीएससी प्रयास में देश भर में 28वां स्थान प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में जाने का अपना सपना आखिरकार सच कर दिखाया। प्राची अपनी इस सफलता का पूरा श्रेय अपने दादा-दादी, चाचा-चाची और माता-पिता को देती हैं। उनका मानना है कि परिवार का निरंतर स्नेह, अनुशासन और दिए गए मजबूत संस्कार ही इस सफलता के असली आधार हैं।
पुत्र मोह से परे माता-पिता की दूरदर्शी सोच
भारतीय समाज के कई हिस्सों में आज भी पुत्र मोह के चलते बेटियों की परवरिश और उच्च शिक्षा के दौरान भेदभाव किए जाने की खबरें सामने आती हैं। इसके विपरीत, शिक्षक दंपती रजनीकांत वर्मा और चेतना कुमारी ने एक सशक्त मिसाल पेश की है। उन्होंने कभी बेटे की चाह नहीं रखी और अपनी दोनों बेटियों की बौद्धिक क्षमता व प्रतिभा पर पूरा भरोसा जताया।
माता-पिता के इस असीम त्याग और दूरदर्शी सोच का ही परिणाम है कि आज उनकी दोनों बेटियां देश और समाज में परिवार का नाम रोशन कर रही हैं। इस अवसर पर पिता रजनीकांत वर्मा ने समाज के नाम संदेश देते हुए कहा कि बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं और दीपावली जैसे पर्व पर उनके नाम का एक दीपक जरूर जलाना चाहिए ताकि उन्हें अपनी महत्ता का अहसास हो सके। वहीं, मां चेतना कुमारी का कहना है कि बेटियां केवल लक्ष्मी ही नहीं, बल्कि परिवार का सौभाग्य और मर्यादा हैं, जिन्होंने प्रशासनिक सेवाओं से लेकर अन्य हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित की है।
कीट विज्ञानी बनने की राह पर छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा
बड़ी बहन प्राची हनी जहां प्रशासनिक सेवा संभालते हुए आईएएस अधिकारी बन चुकी हैं, वहीं उनकी छोटी बहन प्राची चंद्र वर्मा भी वैज्ञानिक बनने की राह पर तेजी से अग्रसर हैं। वर्तमान में 25 वर्षीय प्राची चंद्र वर्मा केंद्रीय विश्वविद्यालय हैदराबाद से माइक्रोबायोलॉजी यानी कीटाणु-विज्ञान विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। दोनों बहनों की यह शैक्षणिक और पेशेवर यात्रा आज के युवाओं और अभिभावकों के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि उचित अवसर मिलने पर बेटियां हर क्षेत्र में सर्वोच्च मुकाम हासिल कर सकती हैं।