बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के लिए मतदान के दौरान मोकामा में राजनीतिक तनाव सड़क पर आ गया है, जहां जेडीयू उम्मीदवार और निर्दलीय समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई।
बिहार विधान परिषद (MLC) की पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर मतदान प्रक्रिया के बीच मोकामा इलाके में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थकों और मोकामा के जेडीयू विधायक अनंत सिंह समर्थित प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह के समर्थकों के बीच तीखी भिड़ंत हो गई। मतदान केंद्र के नजदीक दोनों पक्षों के आमने-सामने आने से हंगामे की स्थिति बन गई, जिससे स्थानीय प्रशासन और पुलिस प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई।
मतदान केंद्र पर तीखी बहस और पुलिस की कार्रवाई
शुक्रवार को मतदान के दौरान केंद्र के बाहर दोनों उम्मीदवारों के समर्थक जमा थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार के समर्थकों और अनुज कुमार सिंह के समर्थकों के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक और तनावपूर्ण बहस में तब्दील हो गई। बढ़ते हंगामे को देख मौके पर मौजूद सुरक्षा बलों के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति को नियंत्रण से बाहर होते देख बाढ़ के एसडीपीओ (SDPO) रामकृष्ण ने तुरंत खुद मोर्चा संभाला। पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर सख्त रुख अपनाया और हंगामा कर रही उग्र भीड़ को खदेड़कर वहां से हटाया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन से चार उपद्रवी लोगों को हिरासत में लिया और उन्हें थाने भेज दिया, जिसके बाद स्थिति कुछ हद तक सामान्य हो सकी।
नीरज कुमार बनाम अनुज कुमार सिंह का सियासी मुकाबला
मोकामा क्षेत्र में इस बार का एमएलसी चुनाव बेहद दिलचस्प और राजनीतिक सरगर्मी बढ़ाने वाला साबित हो रहा है। जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने इस सीट पर अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नीरज कुमार को आधिकारिक उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है। दूसरी ओर, मोकामा से जेडीयू के ही विधायक अनंत सिंह जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज कुमार सिंह का खुलकर समर्थन कर रहे हैं। विधायक अनंत सिंह द्वारा पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ जाकर दूसरे प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार करने और मोर्चा संभालने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक ही दल के भीतर इस तरह की अंतर्कलह और विरोधाभासी बयानों व समर्थन ने स्थानीय राजनीतिक समीकरणों को उलझा दिया है।
प्रशासन की पैनी नजर और आगे की स्थिति
मतदान के दौरान इस तरह की अप्रिय घटनाओं के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग द्वारा शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के इस चुनाव में राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। पुलिस और प्रशासन की ओर से मोकामा की घटना के बाद गश्त बढ़ा दी गई है और मतदान केंद्रों के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। फिलहाल मतदान के बाद अब सभी की निगाहें आगामी मतगणना और चुनाव परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि इस सियासी रस्साकशी में किस खेमे को जीत मिलती है।