केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के छह सरकारी मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करते हुए 320 नई पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल सीटों के प्रस्ताव को मंजूरी देने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से लगभग 415 करोड़ रुपये का वित्तीय अनुदान प्रदान किया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए विशेष योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने आगामी पांच वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये की लागत से देश भर में 10,000 नई मेडिकल सीटें जोड़ने की योजना को स्वीकृति दी है। हिमाचल प्रदेश को मिली 320 पीजी सीटों की मंजूरी इसी राष्ट्रव्यापी पहल का एक अहम हिस्सा है।
कॉलेजवार स्वीकृत पीजी सीटों का विवरण
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत इन 320 नई पीजी सीटों का वितरण प्रदेश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों में किया गया है। इसके तहत इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला को सबसे अधिक 91 सीटें मिली हैं। इसके अलावा डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा को 57, श्री लाल बहादुर शास्त्री सरकारी मेडिकल कॉलेज नेरचौक (मंडी) को 55, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर को 57, डॉ. वाईएस परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन को 32 और पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय मेडिकल कॉलेज चंबा को 28 पीजी सीटें प्रदान की गई हैं।
प्रस्ताव प्रक्रिया और प्रशासनिक गति
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर त्वरित निर्णय लिया है। हिमाचल प्रदेश सरकार की तरफ से यह प्रस्ताव गत 23 जून को प्राप्त हुआ था। इसके बाद आगामी 6 अक्टूबर को बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत समारोह के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भी इस विषय पर विशेष चर्चा की थी। अब केंद्र सरकार ने सभी प्रस्तावित 320 सीटों को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है।
विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती
इन अतिरिक्त सीटों के सृजन से सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर उपचार और अन्य कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी। इससे जहां एक ओर प्रदेश के मेडिकल छात्रों को उच्च शिक्षा और विशेष अध्ययन के अधिक अवसर मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर आम जनता और मरीजों को अपने घर के नजदीक ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराने में बड़ी सहायता मिलेगी।
राज्य सरकार से समयबद्ध प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह
केंद्रीय मंत्री ने हिमाचल प्रदेश सरकार से यह भी आग्रह किया है कि वह इन सभी 320 सीटों के समयबद्ध सृजन के लिए प्रशासनिक और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं बिना किसी विलंब के पूरी करें, ताकि इस केंद्र पोषित स्वीकृति का सीधा लाभ जल्द से जल्द प्रदेश के युवाओं और जरूरतमंद मरीजों तक पहुंच सके।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र प्रायोजित अन्य विकास परियोजनाओं की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि क्रिटिकल केयर ब्लॉकों और जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने चंडीगढ़-बद्दी और भानुपल्ली-बिलासपुर रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार की वित्तीय हिस्सेदारी तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों के भी शीघ्र निपटारे पर जोर दिया ताकि जनहित से जुड़ी इन महत्वपूर्ण योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई रुकावट न आए।