Breaking
► मधेपुरा का मधुकरचक काली मंदिर: जहाँ कोसी की धारा मोड़ने की है मान्यता ► उत्तराखंड में 'अर्णब' का असर: पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ी ► दिल्ली-एनसीआर में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर, चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज ► बाल कलाकार से दिग्गज अभिनेता बने विनोद मेहरा की पुण्यतिथि ► बर्खास्त अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया का कबूलनामा, ईरान और यूक्रेन की गोपनीय जानकारी पत्रकारों को लीक की ► बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा में जनजातीय आबादी की अधिसूचना पर लगाई रोक, आरक्षित सीटों का मामला अटका ► जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जलविद्युत परियोजनाओं पर वाटर टैक्स रद्द ► बिहार के मुजफ्फरपुर में 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त 500 से अधिक अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू ► कीरतपुर-मनाली फोरलेन: झलोगी टनल विवाद सुलझाने के लिए एनएचएआई मुख्यालय में होगी उच्चस्तरीय बैठक ► बिजनौर जाहर दीवान मेला: हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश पर लगाई रोक ► मधेपुरा का मधुकरचक काली मंदिर: जहाँ कोसी की धारा मोड़ने की है मान्यता ► उत्तराखंड में 'अर्णब' का असर: पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट, बारिश और बर्फबारी से ठंड बढ़ी ► दिल्ली-एनसीआर में चक्रवाती तूफान अर्णब का असर, चार साल में अक्टूबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज ► बाल कलाकार से दिग्गज अभिनेता बने विनोद मेहरा की पुण्यतिथि ► बर्खास्त अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया का कबूलनामा, ईरान और यूक्रेन की गोपनीय जानकारी पत्रकारों को लीक की ► बॉम्बे हाईकोर्ट ने गोवा में जनजातीय आबादी की अधिसूचना पर लगाई रोक, आरक्षित सीटों का मामला अटका ► जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, जलविद्युत परियोजनाओं पर वाटर टैक्स रद्द ► बिहार के मुजफ्फरपुर में 31 मार्च 2015 के बाद नियुक्त 500 से अधिक अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू ► कीरतपुर-मनाली फोरलेन: झलोगी टनल विवाद सुलझाने के लिए एनएचएआई मुख्यालय में होगी उच्चस्तरीय बैठक ► बिजनौर जाहर दीवान मेला: हाईकोर्ट ने डीएम के आदेश पर लगाई रोक

बर्खास्त अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया का कबूलनामा, ईरान और यूक्रेन की गोपनीय जानकारी पत्रकारों को लीक की

बर्खास्त अमेरिकी जनरल ब्रेट सिल्विया का कबूलनामा, ईरान और यूक्रेन की गोपनीय जानकारी पत्रकारों को लीक की

अमेरिकी रक्षा विभाग में बड़ा सुरक्षा उल्लंघन सामने आया है, जहां पेंटागन द्वारा बर्खास्त किए गए लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया ने स्वीकार किया है कि उन्होंने करीब एक साल तक ईरान और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी अति संवेदनशील और गोपनीय जानकारियां पत्रकारों के साथ साझा की थीं। आंतरिक जांच रिपोर्ट के अनुसार, कई पॉलीग्राफ टेस्ट में असफल होने के बाद उन्होंने वीडियो पर अपनी इस गलती को स्वीकार किया।

लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया अमेरिकी सेना में जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के स्ट्रैटेजी, प्लान्स एंड पॉलिसी डायरेक्टोरेट (जे5) के प्रमुख के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। आंतरिक जांच के दौरान उन्होंने माना कि उन्होंने दो अलग-अलग मीडिया आउटलेट्स से जुड़े पत्रकारों को रक्षा विभाग की गोपनीय रिपोर्टें और रणनीतिक जानकारियां पहुंचाईं।

कैसे हुआ गोपनीय जानकारियों का यह लीक?

जांच रिपोर्ट के मुताबिक, यह गोपनीय लीक सिलसिला जून 2025 में शुरू हुआ था। पेंटागन द्वारा मीडिया की पहुंच और संवाद पर कड़ी पाबंदियां लगाने के बावजूद यह सिलसिला थमा नहीं। लेफ्टिनेंट जनरल सिल्विया ने सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप 'सिग्नल' का इस्तेमाल किया और इसके जरिए पत्रकारों के लगातार संपर्क में रहे।

जांच में यह भी सामने आया कि वर्जीनिया के अर्लिंगटन स्थित सिल्वर डाइनर में एक पत्रकार के साथ उनकी व्यक्तिगत मुलाकात हुई थी। वह पत्रकार कथित तौर पर एक पुस्तक लिख रहा था और दोनों के बीच ऐसी दो बैठकें हुईं। इस दौरान जनरल सिल्विया ने गोपनीय रिपोर्टों के नोट्स के आधार पर यूक्रेन को मिलने वाली अमेरिकी सहायता और अन्य रणनीतिक मामलों की जानकारी मौखिक रूप से साझा की थी। इन मुलाकातों और जानकारियों के आदान-प्रदान के लिए उन्होंने पेंटागन के पब्लिक अफेयर्स ऑफिस से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली थी।

मैसेज डिलीट करने और जांच पर उठे सवाल

पेंटागन की आंतरिक जांच के दौरान एन्क्रिप्टेड ऐप 'सिग्नल' से चैट और संदेशों को डिलीट किए जाने का गंभीर पहलू भी सामने आया। पूछताछ के दौरान जनरल सिल्विया ने सफाई दी कि उन्होंने गलती से एक संदेश डिलीट कर दिया था, जिसकी वजह से पूरी चैट हिस्ट्री गायब हो गई। हालांकि, मामले की जांच कर रहे अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि यह गलती नहीं बल्कि सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर उठाया गया कदम था।

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ की कड़ी कार्रवाई

इस पूरे प्रकरण के सामने आने के बाद अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को रक्षा सचिव ने लेफ्टिनेंट जनरल ब्रेट सिल्विया को गंभीर कदाचार के आरोपों के तहत तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही इस पूरे मामले से जुड़े दस्तावेज और फाइलें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अमेरिकी न्याय विभाग को सौंप दी गई हैं।

यह कार्रवाई रक्षा सचिव पीट हेगसेथ द्वारा पेंटागन के भीतर से होने वाले रक्षा लीक को रोकने के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। पेंटागन ने इसी साल जुलाई में रक्षा विभाग से जुड़ी गुप्त जानकारियों के लीक होने की वारदातों की तह तक जाने और दोषियों की पहचान करने के लिए एक विशेष 'जॉइंट टास्क फोर्स' का गठन किया था। इसके साथ ही मीडियाकर्मियों की पेंटागन तक पहुंच और सूचनाओं के आदान-प्रदान को लेकर बेहद कड़े नियम लागू किए गए थे, ताकि सामरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में गोपनीयता पूरी तरह से बरकरार रखी जा सके।

About the Author

ममता पाठक

ममता पाठक

Chief Editor

ममता पाठक न्यूज़रूम की संपादकीय दिशा तय करने वाली प्रमुख स्तंभ हैं। अंतरराष्ट्रीय खबरों की गहरी समझ और वर्षों के अनुभव के साथ, वे कंटेंट की गुणवत्त...

Read More

ज़रूर पढ़ें (You May Also Like)

अगली खबर पढ़ें:

आगे पढ़ें →