बाल कलाकार के रूप में सिनेमा में कदम रखने वाले और अपनी संजीदा अदाकारी से हिंदी दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ने वाले अभिनेता विनोद मेहरा की पुण्यतिथि पर उन्हें याद किया जा रहा है। अपने चार दशक से भी छोटे फिल्मी सफर में उन्होंने सौ से अधिक फिल्मों में काम किया और विभिन्न प्रकार के किरदारों से अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
हिंदी सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता विनोद मेहरा का जन्म और शुरुआती जीवन कला जगत के करीब रहा। उन्होंने बहुत कम उम्र में ही अभिनय की दुनिया में कदम रख दिया था। साल 1958 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'रागिनी' में उन्होंने बतौर बाल कलाकार काम किया था। इस शुरुआती अनुभव ने उनके भविष्य की नींव रखी, जिसके बाद उन्होंने फिल्मों में अपनी पहचान बनाने के लिए कड़ा संघर्ष किया। बाल कलाकार के रूप में दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने के बाद, उन्होंने मुख्य अभिनेता के रूप में अपनी पारी की शुरुआत की तैयारी शुरू की।
बतौर मुख्य अभिनेता और प्रमुख फिल्में
साल 1971 में रिलीज हुई फिल्म 'एक थी रीटा' के जरिए विनोद मेहरा ने बड़े पर्दे पर बतौर मुख्य नायक शुरुआत की। इस फिल्म के बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ी और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने अपने करियर के दौरान 'नागिन', 'जानी दुश्मन', 'घर', 'स्वर्ग नरक', 'कर्तव्य', 'साजन बिना सुहागन', 'जुर्माना', 'एक ही रास्ता' और 'खुद्दार' जैसी तमाम लोकप्रिय और व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में काम किया। उन्होंने रोमांटिक भूमिकाओं से लेकर गंभीर और चरित्र प्रधान किरदारों तक में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और सहज अभिनय शैली ने उन्हें उस दौर के स्थापित अभिनेताओं की पंक्ति में ला खड़ा किया।
चर्चा में रहा निजी जीवन और विवाह
फिल्मी पर्दे के अलावा विनोद मेहरा का निजी जीवन भी अक्सर मीडिया और प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय रहा। उनका नाम उस दौर की प्रसिद्ध अभिनेत्री रेखा के साथ भी जोड़ा गया और दोनों के बीच गुप्त रूप से विवाह संपन्न होने की खबरें भी सामने आईं, हालांकि इस संबंध की कभी कोई आधिकारिक और सार्वजनिक पुष्टि नहीं हो सकी। उनकी पहली शादी मीना ब्रोका के साथ हुई थी, जो अधिक समय तक नहीं चल सकी। इसके बाद उनका नाम अभिनेत्री बिंदिया गोस्वामी से जुड़ा, लेकिन वह रिश्ता भी ज्यादा लंबा नहीं टिका। अपने जीवन के अंतिम वर्षों में, साल 1988 में उन्होंने किरण से विवाह किया। इस दंपत्ति के घर बेटी सोनिया और बेटे रोहन का जन्म हुआ।
असमये निधन और फिल्मी विरासत
महज 45 वर्ष की आयु में 30 अक्टूबर 1990 को दिल का दौरा पड़ने से विनोद मेहरा का अचानक निधन हो गया, जिसने पूरे फिल्म जगत को स्तब्ध कर दिया था। उनके निधन के लगभग सात महीने पश्चात उनके पुत्र रोहन मेहरा का जन्म हुआ। उनके परिवार में उनकी पत्नी किरण तथा बच्चे सोनिया और रोहन रहे, जिन्होंने बाद में अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत भी आजमाई। विनोद मेहरा अपने पीछे कई अधूरी फिल्में और ऐसी यादें छोड़ गए जो आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में आदर के साथ याद की जाती हैं। उनकी पुण्यतिथि पर समीक्षक और दर्शक उनके योगदान को पूरी श्रद्धा के साथ याद करते हैं।