उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद ही हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां सुबह-सुबह अपने घर की जिम्मेदारियों को कंधों पर उठाए एक युवा की ट्रेन की चपेट में आने से अचानक मौत हो गई। इस हादसे ने न केवल एक परिवार को अंदर से झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। खुशियों से भरा एक हंसता-खेलता परिवार पल भर में इस अप्रत्याशित आघात से बिखर गया है।
जलालाबाद क्षेत्र में हुआ दर्दनाक हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना बिजनौर जनपद के थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कस्बे जलालाबाद की है। बुधवार की सुबह का वक्त था जब चारों तरफ रोजमर्रा की तरह चहल-पहल शुरू हो रही थी। इसी दौरान रेलवे ट्रैक पर एक ऐसा हादसा हुआ जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। खंभा संख्या 1498/18 के पास से गुजरने वाला रेलवे ट्रैक उस वक्त मौत का पैगाम बन गया जब एक युवा उसकी जद में आ गया।
मृतक की पहचान 25 वर्षीय मोहम्मद आमिर के रूप में हुई है, जो कि नजदीकी क्षेत्र राहुखेड़ी कोरा राजारामपुर का रहने वाला था। आमिर अपनी जिंदगी की गाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था और परिवार का एक अहम सहारा था।
सुबह का साधारण रूटीन बना अंतिम सफर
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह करीब सात बजे मोहम्मद आमिर अपने घर के लिए दूध लेकर लौट रहा था। उसका यह रूटीन आम दिनों की तरह ही था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसका आखिरी सफर साबित होने वाला है।
जब वह जलालाबाद के पास रेलवे ट्रैक पार कर रहा था, उसी दौरान कोलकाता-जम्मू तवी एक्सप्रेस ट्रेन वहां से गुजरी। अचानक ट्रैक पार करने के दौरान वह इस तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि आमिर को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिला और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटनास्थल पर जुटी भारी भीड़
जैसे ही ट्रैक पर हादसा हुआ, आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया। धमाके जैसी आवाज और लोगों के शोरगुल के बाद तमाम ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। ट्रैक पर युवक का शव देख वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। तुरंत ही इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस प्रशासन को दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने स्थिति का जायजा लेते हुए तुरंत आसपास के लोगों से पूछताछ की और शव को ट्रैक से हटाकर कानूनी प्रक्रिया शुरू की।
संघर्षशील जिंदगी का अंत
मोहम्मद आमिर के बारे में जब स्थानीय लोगों और उसके करीबियों से पता चला, तो उसकी गरीबी और मेहनत भरी जिंदगी की दास्तान सुनकर सबका दिल पसीज गया। आमिर अपने पिता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मेहनत मजदूरी करता था। वह ठेले पर पायदान बेचने का काम करके अपने घर के गुजर-बसर में हाथ बंटाता था।
- परिवार की आर्थिक स्थिति और जिम्मेदारियां:
- आमिर अपने माता-पिता का होनहार और मेहनती बेटा था।
- घर में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन भी है।
- पिता की दूसरी पत्नी से दो अन्य बेटे भी हैं, जिनकी जिम्मेदारी इस परिवार पर थी।
- आमिर की कमाई और मेहनत से ही घर का पहिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था।
अब इस युवा की अचानक विदाई से इस पूरे परिवार के सिर से एक बड़ा सहारा छिन गया है। घर के बुजुर्ग माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और बहन तथा भाइयों का भविष्य अब संकट और गहरे अंधेरे में नजर आ रहा है।
पुलिस की कार्रवाई और परिजनों का फैसला
इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसआई अनीस अहमद ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा की कार्रवाई को पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ पूरा किया। इस दौरान जब पुलिस ने शव के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहा, तो शोक में डूबे परिजनों ने किसी भी प्रकार की कानूनी या चिकित्सीय जांच यानी पोस्टमार्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।
परिजन इस दुखद घड़ी में किसी भी तरह के झंझट में नहीं पड़ना चाहते थे और वे जल्द से जल्द अपने बेटे के पार्थिव शरीर को अपने घर ले जाना चाहते थे। परिजनों की इस जिद और अत्यधिक मानसिक पीड़ा को देखते हुए पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बिना पोस्टमार्टम के ही शव परिजनों को सौंप दिया।
सुरक्षा को लेकर खड़े होते बड़े सवाल
इस प्रकार की घटनाएं देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार सामने आती रहती हैं, जो रेलवे ट्रैक पार करते समय बरती जाने वाली असावधानी या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में रेलवे क्रॉसिंग की कमी की ओर इशारा करती हैं। हालांकि, इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को ताउम्र का दर्द दे दिया है।
बुधवार की इस मनहूस सुबह ने बिजनौर के जलालाबाद क्षेत्र में हर किसी को गमगीन कर दिया है। सोशल मीडिया से लेकर आम बैठकों तक हर जगह सिर्फ इसी बात की चर्चा है कि कैसे एक पल की चूक ने एक युवा की पूरी दुनिया उजाड़ दी।