Breaking
► नोएडा डीएम की सैलरी जब्ती पर नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगी प्रशासन की टीम ► अहिरौली बाजार पुलिस का बड़ा एक्शन, दुष्कर्म मामले का मुख्य आरोपी विकास यादव गिरफ्तार ► अमेरिका और कनाडा में ट्रेड वॉर तेज, डेयरी और शराब पर बैन ► नेपाल में रसुवा बाढ़ के आर्थिक संकट पर बड़ा कदम, समिति गठित ► नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ का तांडव: 1,365 मौतें, 4 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता ► नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, उत्तरी सीमा पर आपूर्ति ठप और राजस्व को भारी झटका ► नेपाल हिंसा पर केपी शर्मा ओली का बड़ा बयान, जेन-जी आंदोलन को बताया गहरी साजिश ► सीएम योगी के बनारस आते ही पोस्टर वार से गरमाई सियासत, विपक्ष पर कसा गया तंज ► छत्तीसगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' का ऐलान, 17 सितंबर से शुरू होंगे बड़े कार्यक्रम ► वाराणसी में अचानक ढहा जर्जर मकान, बाल-बाल बचे लोग; रास्ते पर पसरा सन्नाटा ► नोएडा डीएम की सैलरी जब्ती पर नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगी प्रशासन की टीम ► अहिरौली बाजार पुलिस का बड़ा एक्शन, दुष्कर्म मामले का मुख्य आरोपी विकास यादव गिरफ्तार ► अमेरिका और कनाडा में ट्रेड वॉर तेज, डेयरी और शराब पर बैन ► नेपाल में रसुवा बाढ़ के आर्थिक संकट पर बड़ा कदम, समिति गठित ► नेपाल में भोटेकोशी बाढ़ का तांडव: 1,365 मौतें, 4 हजार से ज्यादा लोग अब भी लापता ► नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, उत्तरी सीमा पर आपूर्ति ठप और राजस्व को भारी झटका ► नेपाल हिंसा पर केपी शर्मा ओली का बड़ा बयान, जेन-जी आंदोलन को बताया गहरी साजिश ► सीएम योगी के बनारस आते ही पोस्टर वार से गरमाई सियासत, विपक्ष पर कसा गया तंज ► छत्तीसगढ़ में 'सेवा संकल्प अभियान' का ऐलान, 17 सितंबर से शुरू होंगे बड़े कार्यक्रम ► वाराणसी में अचानक ढहा जर्जर मकान, बाल-बाल बचे लोग; रास्ते पर पसरा सन्नाटा

संटेक सिटी मामला: पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ईडी के सामने पेश

संटेक सिटी मामला: पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ईडी के सामने पेश

पंजाब के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों हलचल काफी तेज हो चुकी है। मोहाली के चर्चित संटेक सिटी प्रोजेक्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा बुधवार को जालंधर स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जोनल कार्यालय में जांच में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी की लगातार बढ़ती सख्ती से कई अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।

अनुराग वर्मा का ईडी कार्यालय पहुंचना और दस्तावेजों की पड़ताल

बुधवार को सुबह करीब 11 बजकर 08 मिनट पर पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा जालंधर स्थित ईडी के दफ्तर पहुंचे। उनके हाथों में फाइलों और दस्तावेजों से भरा एक बस्ता था, जो इस जांच के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय एजेंसी ने उन्हें मूल रूप से 31 अगस्त को पेश होने के लिए समन जारी किया था। हालांकि, कुछ प्रशासनिक व्यस्तताओं और व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने उस तिथि पर पेश होने के लिए मोहलत मांगी थी।

पूर्व सीएस के अनुरोध को स्वीकार करते हुए जांच एजेंसी ने उन्हें 7 सितंबर की नई तारीख दी थी, जिसे बाद में प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से बुधवार के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। ईडी के अधिकारी इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहे हैं कि संटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट के दौरान नियमों में किस तरह के फेरबदल किए गए और इसमें कौन-कौन से बड़े चेहरे शामिल थे।

आईएएस अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ से भी हो चुकी है पूछताछ

इस पूरे प्रकरण में केवल पूर्व मुख्य सचिव ही जांच के घेरे में नहीं हैं, बल्कि अन्य वरिष्ठ नौकरशाहों से भी पूछताछ का सिलसिला जारी है। इससे पहले आईएएस अधिकारी कंवल प्रीत बराड़ को भी केंद्रीय एजेंसी द्वारा दो बार समन जारी किया जा चुका है। उन्हें 18 अगस्त और फिर 27 अगस्त को जालंधर स्थित कार्यालय में तलब किया गया था।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कंवल प्रीत बराड़ से पूछताछ के दौरान संटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट में 'चेंज ऑफ लैंड यूज' (CLU) यानी भूमि उपयोग परिवर्तन और लेआउट प्लान में किए गए बदलावों को दी गई मंजूरियों पर मुख्य रूप से फोकस किया गया था। एजेंसी यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इन मंजूरियों को देते समय तय नियमों को ताक पर रखा गया था या फिर किसी खास बिल्डर को अनुचित व्यावसायिक लाभ पहुंचाने की नीयत से फाइलें तेजी से आगे बढ़ाई गईं।

सवालों के घेरे में अधिकारियों की दलीलें और बचाव

दूसरी ओर, इस मामले में जिन अधिकारियों के नाम सामने आ रहे हैं, उनका शुरुआती दौर से ही यही पक्ष रहा है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है। संबंधित अधिकारियों और उनके करीबियों का दावा है कि प्रोजेक्ट से जुड़ी मंजूरियां पूरी तरह से विधिक और प्रक्रियागत दायरे में दी गई थीं। उनका यह भी कहना है कि उन्होंने किसी भी बिल्डर को कोई भी अनुचित फायदा नहीं पहुंचाया है। हालांकि, केंद्रीय जांच एजेंसी इन मौखिक दावों के बजाय डिजिटल रिकॉर्ड, फाइलों की नोटिंग और बैंक ट्रांजैक्शन जैसे ठोस सबूतों के आधार पर आगे बढ़ रही है।

मोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा को भी 10 सितंबर का समन

इस जांच का दायरा अब पुलिस प्रशासन तक भी पहुंच चुका है। संटेक सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े एक अन्य बड़े घटनाक्रम में मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वरुण शर्मा को भी ईडी ने तलब किया है। उन्हें 10 सितंबर को जालंधर कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, जुलाई महीने से लेकर अब तक एसएसपी कार्यालय को कुल पांच बार ईमेल भेजे जा चुके थे। इन ईमेल्स के जरिए संटेक सिटी प्रोजेक्ट के लिए जमीन के अधिग्रहण से पहले स्थानीय किसानों के साथ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामलों की विस्तृत जानकारी मांगी गई थी।

एजेंसी का आरोप है कि किसानों के साथ धोखाधड़ी के मामलों में दर्ज नए आपराधिक मुकदमों और उन पर अब तक हुई पुलिस कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट संतोषजनक तरीके से समय पर साझा नहीं की गई। इसी संवादहीनता और जरूरी दस्तावेजों की अनुपलब्धता के चलते अब मोहाली के एसएसपी को व्यक्तिगत तौर पर तलब किया गया है ताकि मामलों की कड़ियों को आपस में जोड़ा जा सके।

मनी लॉन्ड्रिंग एंगल और आगे की बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे मामले को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के प्रावधानों के तहत खंगाल रहा है। जांच का मुख्य केंद्र यह है कि क्या प्रोजेक्ट के नाम पर निवेशकों और किसानों से जुटाए गए धन का डायवर्जन किसी अन्य अवैध गतिविधियों या निजी संपत्तियों को खरीदने में किया गया था।

  • प्रोजेक्ट की वैधता: संटेक सिटी हाउसिंग प्रोजेक्ट के शुरुआती नक्शे और मंजूरियों की बारीकी से जांच।
  • वित्तीय लेन-देन: बिल्डर्स, प्रमोटर्स और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संभावित वित्तीय संलिप्तता की ट्रेल की तलाश।
  • किसानों के आरोप: जमीन अधिग्रहण से पहले किसानों को दिए गए आश्वासनों और कथित धोखाधड़ी के मामलों की समीक्षा।

आने वाले दिनों में इस मामले की आंच कुछ और बड़े नामों तक पहुंच सकती है। चूंकि एक तरफ पूर्व मुख्य सचिव और आईएएस स्तर के अधिकारी जांच के दायरे में हैं, वहीं दूसरी तरफ जिला पुलिस के मुखिया को भी व्यक्तिगत रूप से पेश होना पड़ रहा है, इसलिए पंजाब के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पर गहरी नजर बनी हुई है। ईडी की यह पूछताछ आने वाले समय में कई और अहम खुलासे कर सकती है।

About the Author

अनुराधा दुबे

अनुराधा दुबे

Content Writer (देश खबरें)

अनुराधा दुबे एक समर्पित और अनुभवी कंटेंट राइटर हैं, जो भारत से जुड़ी राजनीतिक, सामाजिक और नीतिगत खबरों को गहराई से समझकर पाठकों तक पहुंचाती हैं। उन...

Read More