बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र फेज-एक स्थित एक जूता फैक्ट्री में शुक्रवार रात भीषण आग लगने से चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से झुलस गए। इस हादसे ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र के प्लॉट संख्या बी-293/294 पर बनी जूता फैक्ट्री में आग लगने की आपात सूचना मिली थी। आग इतनी भयानक थी कि देखते ही देखते उसने पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया और अंदर भारी मात्रा में जहरीला धुआं फैल गया।
दमकल की 20 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ-साथ दमकल विभाग की कई गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। शुरुआती स्थिति को देखते हुए बाद में दमकल की कुल 20 गाड़ियों को आग बुझाने और राहत कार्यों में लगाया गया। दमकलकर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दम घुटने और झुलसने से हुई मौत
फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए दमकल और बचाव दल ने अभियान चलाया। अंदर से कुल छह लोगों को निकाला गया, जो धुएं के कारण बेहोश हो चुके थे और गंभीर रूप से झुलस गए थे। सभी छह पीड़ितों को तुरंत नजदीकी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल के चिकित्सकों ने जांच के बाद चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, शेष दो घायलों का इलाज अभी अस्पताल में जारी है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
जांच और कानूनी कार्रवाई जारी
पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटना के बाद से ही मौके पर राहत कार्यों और स्थिति का जायजा लेने में जुटी हैं। प्रारंभिक तौर पर फैक्ट्री में आग लगने के कारणों का अभी आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य लापरवाही थी। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर में अग्निशमन के क्या इंतजाम थे, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में प्रासंगिक धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।